असूचीबद्ध होने के वेदांत के प्रस्ताव कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई, लिहाजा प्राइवेट बनने की ओर वह एक और कदम बढ़ चली। कंपनी ने गुरुवार को एनएसई व बीएसई से स्वैच्छिक तौर पर इक्विटी शेयरों को असूचीबद्ध कराने के लिए लाए विशेष प्रस्ताव के पोस्टल बैलेट के नतीजे घोषित किए।
कंपनी को इस प्रस्ताव के पक्ष में 93.3 मत मिले जबकि 6.7 फीसदी ने इसके खिलाफ मतदान किया। करीब 85 फीसदी संस्थागत सार्वजनिक शेयरधारकों ने पक्ष में मतदान किया जबकि 75 फीसदी गैर-संस्थागत शेयरधारकों ने इसके पक्ष में वोटिंग की। कई ने संदेह जताया था कि क्या कंपनी शेयरधारकों की मंजूरी हासिल कर पाएगी कक्योंकि वेदांत के प्रवर्तकों की तरफ से असूचीबद्धता के लिए तय आधार कीमत मौजूदा बाजार भाव से काफी कम है। मई में वेदांत ने कहा था कि असूचीबद्धता के लिए प्रवर्तकों का इरादा आम शेयरधारकोंं से 49 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण 87.5 रुपये प्रति शेयर पर करने का है। गुरुवार को वेदांत का शेयर 1.6 फीसदी की बढ़त के साथ 111.3 रुपये पर बंद हुआ।
अब कंपनी को असूचीबद्ध होने के लिए रिवर्स बुक बिल्डिंग प्रक्रिया की पेशकश करनी होगी। इसके तहत आम शेयरधारक किसी भी कीमत पर बोली लगा सकेंगे। प्रवर्तकों के पास इस प्रक्रिया के तहत मिली कीमत स्वीकार करने या इसकी जवाबी पेशकश का अधिकार है। अगर जवाबी पेशकश शेयरधारकों को स्वीकार्य होगा तो असूचीबद्धता की बोली कामयाब होगी। कई का मानना है कि असूचीबद्धता की अंतिम कीमत साल 2020 में शेयर के सर्वोच्च भाव 165 रुपये के आसपास हो सकती है।