सत्यम के संस्थापक रामालिंगम राजू ने कहा था कि उसने कंपनी की बैलेंस शीट में आय को बढ़ा चढ़ाकर दिखाया है। लेकिन सत्यम के ब्रांड के मूल्यांकन को लेकर अब एक कंसल्टेंसी कंपनी ने नई घोषणा की है।
सत्यम की आंतरिक ब्रांड मूल्यांकन वित्तीय वर्ष 2008 की सालाना बैठक में 9873 करोड़ रुपये कही गई थी, लेकिन ब्रांड स्ट्रेटजी विशेषज्ञ और सीईओ हरीश बिजूर ने ब्रांड का मौजूदा मूल्यांकन 1,200 करोड़ रुपये बताया है।
सत्यम ने एचआर मूल्य की गणना के लिए लेव और स्वार्ट्ज पद्धति अपनाई थी। कंपनी ने पीबीआईटी (ब्याज और कर के बाद लाभ) को ब्रांड वैल्यू के लिए बतौर लाभ दिखाया। हालांकि बिजूर ने इसके मूल्यांकन के लिए मुद्रा प्रवाह और अन्य तरीके अपनाए।
मौजूदा घटनाक्रम के बाद कंपनी का 60 फीसदी कारोबार बचा हुआ है। उम्मीद की जा सकती है कि अगले पांच साल में कंपनी का कारोबार बढ़ेगा। बिजूर की गणना के मुताबिक तब ब्रांड का मूल्य 2200 करोड़ रुपये रहेगा।
राजू की जमानत पर टला फैसला
बी. रामलिंग राजू को फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। हैदराबाद के छठे अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में राजू की जमानत और जेल में उन्हें विशेष दर्जा देने की याचिका पर अब 22 जनवरी को सुनवाई होगी। राजू को एक दिन के लिए सेबी की हिरासत में दिए जाने वाली याचिका पर भी उसी दिन ही सुनवाई होगी।
वेदांत ने भी की मायटास से कुट्टी
सत्यम के कॉर्पोरेट गड़बड़झाले के चलते मायटास को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ताजा मामले में एल्युमीनियम क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांत एल्युमीनियम लिमिटेड ने मायटास के साथ हुए अनुबंध को रद्द कर दिया है।
हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। लेकिन सूत्रों के अनुसार वेदांत इस मामले में पूरी तरह से मन बना चुकी है।
मायटास इन्फ्रा के सीईओ का इस्तीफा
मायटास इन्फ्रास्ट्रक्चर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पी. के. माधव ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। माधव ने व्यक्तिगत कारणों से कंपनी के सीईओ और निदेशक, दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया।
सरकार ने मायटास प्रॉपर्टीज और मायटास इंफ्रा की तलाशी का जिम्मा गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय, एसएफआईओ को सौंप दिया है।