वैश्विक निवेशक केकेआर ने अपने भारतीय कारोबार के सीईओ संजय नायर को पदोन्नति देकर चेयरमैन बनाने की घोषणा की है। नायर इसी साल 31 दिसंबर को अपना नया कार्यभार संभालेंगे। टीपीजी कैपिटल के गौरव त्रेहन को कंपनी ने देश में अपने निजी इक्विटी कारोबार का प्रमुख बनाया है। केकेआर ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि चेयरमैन के तौर पर नायर देश में अपने व्यापक अनुभव एवं संपर्क का फायदा उठाते हुए केकेआर के भारतीय कारोबार को सलाह देंगे और सहायता करेंगे।
नायर ने 2009 में केकेआर के भारतीय कारोबार की स्थापना की थी और उस समय उन्हें सीईओ बनाया गया था। केकेआर ने 5.8 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश किया है। इसके अलावा 2006 से अब तक उसने ऋण, बुनियादी ढांचा और रियल एस्टेट में करीब 10 अरब डॉलर का निवेश किया है।
नायर के नेतृत्व में केकेआर ने उद्योग में बेहतरीन रिटर्न दर्ज किया। उसने डालमिया सीमेंट, ग्लैंड फार्मा आदि सौदों में 20 फीसदी से अधिक का आईआरआर (आंतरिक रिटर्न दर) हासिल किया। उसने इस साल रिलायंस रिटेल, रिलायंस जियो आदि कंपनियों में निवेश किया जो देश में इस साल किसी पीई फर्म का सबसे बड़ा निवेश है।
नायर ने अपनी पदोन्नति के बारे में टिप्पणी करने से इनकार किया लेकिन कंपनी के सूत्रों ने कहा कि आईएलऐंडएफएस के डिफॉल्ट और एनबीएफसी क्षेत्र में नकदी किल्लत जैसी चुनौतियों के बावजूद केकेआर द्वारा परिचालित एनबीएफसी- एक रियल एस्टेट एनबीएफसी और एक कॉरपोरेट एनबीएफसी- के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध रही और उनकी रेटिंग एए रही।
हालांकि केकेआर को गौतम थापर के नेतृत्व वाली अवंता होल्डिंग्स और कैफे कॉफी डे में निवेश को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पिछले साल विश्लेषकों ने कहा था कि केकेआर द्वारा वित्त पोषित लगभग आधा दर्जन फर्मों ने ऋण पर चूक की है जिन्हें गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत हैं। इन कंपनियों में सिनटेक्स, जेबीएफ इंडस्ट्रीज और क्वॉलिटी डेयरी शामिल हैं।
केकेआर में शामिल होने से पहले नायर ने 2002 से 2009 के दौरान सिटीग्रुप के भारतीय एवं दक्षिण एशियाई परिचालन के सीईओ और सिटीग्रुप की प्रबंधन समिति एवं एशिया के लिए कार्यकारी परिचालन समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया।