फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने अपने यूनिटधारकों को भेजे पत्र में कहा है कि फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के नतीजे अंतिम नहीं हैं और परिसंपत्ति प्रबंधक की तरफ से मुहैया कराए जाने वाले स्पष्टीकरण के आधार पर उसमें बदलाव हो सकता है।
अध्यक्ष संजय सप्रे ने एक नोट में कहा है, फॉरेंसिक ऑडिट और निरीक्षण से संबंधित रिपोर्ट भ्रामक हैं और हमारा मानना है कि फॉरेंसिक ऑडिट व निरीक्षण से जुड़ी रिपोर्ट का प्रकाशन सही नहीं होगा क्योंकि मामला कर्नाटक उच्च न्यायालय में लंबित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छह योजनाओं में निवेश करने वाले कर्मचारी इनमें काफी ज्यादा निवेश बरकरार रखे हुए हैं। पुट ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला निवेश प्रबंधन टीम के पास है, जो ऐसे निवेश के समय फैसला लेते समय निवेश की रकम की अधिकतम रिकवरी को लेकर विभिन्न चीजों का ध्यान रखते हैं। सप्रे ने कहा, पुट ऑप्शन का इस्तेमाल करना ही एकमात्र उपलब्ध विकल्प नहीं है। सप्रे ने कहा, कुछ रिपोर्ट में खास तौर से कहा गया है कि कुछ निश्चित इश्युअर के पास हमने पुट ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया। हालांकि इन रिपोर्टों में इस वास्तविकता को दरकिनार किया गया है कि फ्रैंकलिन टेम्पलटन पहले ही इन मामलों में से कुछ पर कानूनी रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर चुका है।