रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड गुजरात में एस्सार ऑयल की वाडिनार रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पाद खरीद कर देशभर में बंद पड़े अपने पेट्रोल पम्पों को दोबारा शुरू करना चाहती है। इसके लिए कंपनी एस्सार ऑयल के साथ बातचीत भी कर रही है।
गौरतलब है कि कंपनी के पेट्रोल पम्प लगभग पिछले एक साल से बंद पड़े हुए हैं। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रिलांयस का लक्ष्य गुजरात और महाराष्ट्र में अपने पेट्रोल पम्पों को जल्द से जल्द अगले हफ्ते दोबारा शुरू करने का है।
सूत्रों का कहना है कि एस्सार समूह के देशभर में लगभग 1,100 पेट्रोल पम्प हैं और इसलिए समूह के लिए रिलायंस के सभी पेट्रोल पम्पों की मांग को पूरा कर पाना मुश्किल है। सूत्रों का यह भी कहना है, ‘एस्सार रिलायंस को सिर्फ गुजरात और महाराष्ट्र के लिए ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति करा सकती है।’
रिलायंस के देशभर में लगभग 1,400 पेट्रोल पम्प हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत सिर्फ गुजरात और महाराष्ट्र में स्थित हैं। अपने पेट्रोल पम्पों को दोबारा शुरू करने की योजना वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की हाल ही में जामनगर रिफाइनरियों से उत्पादन शुरू हुआ है, लेकिन यह उत्पादन सिर्फ निर्यात को ध्यान में रख कर किया जा रहा है, इसलिए कंपनी को पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने के लिए एस्सार सरीखी दूसरी कंपनियों की ओर देखना पड़ रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रवक्ता से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने के लिए एस्सार के अलावा कई कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं। इस मामले के जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां जैसे आईओसी और एचपीसीएल अपने उत्पादों को निजी क्षेत्र की कंपनियों देने की इच्छुक नहीं हैं। रिलायंस अब अपने पेट्रोल पम्पों को दोबारा खोलने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए एस्सार से बातचीत कर रही है।’
ऐसा पहली बार नहीं है कि गुजरात के जामनगर में अपनी-अपनी रिफाइनरियों के मालिक एस्सार और रिलायंस इंडस्ट्रीज सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से मिलने वाले मुकाबले को मात देने के लिए एक-साथ बाजार में उतरेंगी। सूत्रों का कहना है कि पहले भी एस्सार और रिलायंस दोनों कंपनियों ने उनके पेट्रोल पम्पों को पूरे जोश-खरोश के साथ चलाया था।
इन दोनों कंपनियों के बीच एक उत्पाद अदला-बदली के एक करार भी हुआ था, जिससे तहत ये कंपनियां पेट्रोल और डीजल जैसे पेट्रोलियम उत्पादों को बिना प्रत्यक्ष खरीदे या बेचे आपस में इनकी अदला-बदली कर लेती थीं। इस करार के तहत ये दोनों कंपनियां एक-दूसरे के बुनियादी ढांचों का भी इस्तेमाल करती थीं।
एस्सार समूह के आधिकारिक प्रवक्ता ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया कि वे अपने उत्पाद विभिन्न तेल मार्केटिंग कंपनियों को बेचने को तैयार हैं।