सुधारों ने निवेशकों को भारत पर पुन: ध्यान देने को प्रोत्साहित किया

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 10:42 AM IST

बीएस बातचीत
एवेंडस कैपिटल पब्लिक मार्केट्स अल्टरनेट स्ट्रेटेजीज के सह-मुख्य कार्याधिकारी वैभव सांघवी ने पुनीत वाधवा के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि बाजार के सर्वाधिक ऊंचाई पर पहुंचने के साथ, मूल्यांकन के विस्तार से मध्यवर्ती बाजार गिरावट को बढ़ावा मिल सकता है, जो संक्षिप्त और तेज हो सकती है। उनका कहना है कि ऐसी गिरावट अपना निवेश बढ़ाने की संभावना तलाश रहे निवेशक के लिए एक अच्छा अवसर होगी। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:

क्या बाजार अब समय-आधारित/कीमत-आधारित गिरावट से गुजर सकता है?
वर्ष 2021 की भविष्यवाणी करना किसी संभावित नकारात्मक घटनाक्रम (जैसे 2020 में कोविड-19) की अनुचित होगा। हम सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ साथ कॉरपोरेट आय में वृद्घि के लिए तेजी वाले चक्र के शुरू में हो सकते हैं। इसके लिए दुनियाभर में उदार राजकोषीय और मौद्रिक नजरिये पर भी ध्यान देने की जरूरत होगी। तरलता की वजह से मूल्यांकन में वृद्घि से बाजार में गिरावट को बढ़ावा मिल सकता है, जो संक्षिप्त और तेज हो सकती है। लेकिन यह निवेश बढ़ाने की संभावना तलाश रहे निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर होगा। जब बाजार में मजबूत सुधार आता है, सामान्य तौर पर हम कई क्षेत्रों के प्रदर्शन को देखते हैं। निवेशक उन क्षेत्रों पर दांव लगा सकते हैं, जो मजबूत रिकवरी वाले हैं और साथ ही कई वैल्यू क्षेत्रों और शेयरों पर भी ध्यान दे सकते हैं जिनमें संभावित तेजी से बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा मिल सकता है।

मार्च 2020 से आपकी निवेश रणनीति क्या रही है?
हमारा निवेश दृष्टिकोण हमेशा जोखिमों के आकलन से शुरू होता है। 2020 दोनों तरह (गिरावट के संदर्भ में कोविड-19 और उसके बाद तेजी के संदर्भ में अच्छे सुधार) के जोखिमों से हमें प्रभावित करने वाला वर्ष रहा। सिद्घांत के तौर पर, हम सामान्य तौर पर ऐसे उतार-चढ़ाव वाले परिवेश में उत्साहित नहीं रहे हैं, और इसलिए अपने दृष्टिकोण में नरमी बरकरार रखी। वर्ष 2021 के लिए, चूंकि बुनियादी आधार से संबंधित सुधार होगा और हमारा निवेश हमारे दीर्घावधि औसत के ऊपरी दायरे में रहने की संभावना है। हम सुधार-केंद्रित शेयरों और क्षेत्रों, उपभोक्ता, रियल एस्टेट, सूचना प्रौद्योगिकी, और निजी बैंकों पर सकारात्मक बने हुए हैं। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कमजोर प्रदर्शन कर सकते हैं।

विदेशी निवेशक उभरते बाजारों मेें भारत को किस नजरिये से देख रहे हैं?
जहां एमएससीआई पुनर्संतुलन हुआ है, वहीं डॉलर में कमजोरी से कमजोर डॉलर सूचकांक को बढ़ावा मिला है। इस ईएम में, भारत अच्छी स्थिति में है, क्योंकि हम अमेरिका द्वारा चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध की वजह से निवेश आवंटन में कुछ बदलाव देख रहे हैं। सरकारी सुधारों ने भी कई निवेशकों को भारत पर फिर से ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया है।

अगली कुछ तिमाहियों के लिए कॉरपोरेट परिणाम के लिए परिदृश्य कैसा है?
कंपनियों ने इस संकट का इस्तेमाल किया है और लागत घटाने तथा सक्षम बनने के लिए इसे अवसर में तब्दील किया है। इसकी वजह से, जब व्यवसाय सामान्य होगा, हम अगले दो वर्षों में मार्जिन और आय में सुधार देख सकते हैं।  

क्या निवेशकों को 2021 में रक्षात्मक नजरिया बरकरार रखना चाहिए?
जहां तक आय का सवाल है, निवेशक इस पर लगातार ध्यान देंगे, चाहे वह रक्षात्मक हो या नहीं। आईटी सेक्टर अच्छे आय चक्र से गुजर रहा है, एफएमसीजी की रफ्तार भी हमेशा की तरह मजबूत बनी रहेगी।

जिंसों में तेजी कितनी चुनौतीपूर्ण है?
हमारे लिए जिंस हमेशा महत्वपूर्ण दांव रहा है। यदि वैश्विक वृद्घि की रफ्तार तेज होती है तो हम धातु कीमतों में लगातार तेजी देख सकते हैं, जिससे धातु और खनन कंपनियों के शेयरों को अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।

First Published : December 22, 2020 | 12:38 AM IST