नकदी के संकट से जूझ रही दवा कंपनी वॉकहार्ट को मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा कुर्ला कॉम्पलैक्स में मौजूद अपने मुख्यालय की इमारत को बेचने में भी मुश्किलें पेश आ रही हैं।
हालांकि कंपनी के एक अधिकारी का कहना है कि मुख्यालय को बेचने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन अपने तेज रफ्तार अधिग्रहण अभियान की वजह से मोटे कर्ज में फंसी कंपनी को तकनीकी रूप से अपना मुख्यालय बेचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल कंपनी के मुख्य प्रवर्तक खोराकीवाला परिवार की वॉकहार्ट टावर में 65 फीसदी हिस्सेदारी ही है और बांद्रा कुर्ला कॉम्पलैक्स के नियमों के मुताबिक इतनी हिस्सेदारी होने पर भी इस इमारत को खोराकीवाला परिवार बेच नहीं सकता।
खोराकीवाला परिवार की एक अन्य कंपनी खोराकीवाला होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट ने करीब आठ साल पहले इस इमारत का 35 फीसदी भाग (डेढ लाख वर्ग फीट) कई अलग-अलग कंपनियों को बेच दिया था।
उस वक्त वॉकहार्ट का मुख्यालय वर्ली के नीलम चैम्बर्स में था लेकिन उस इमारत के ढहने के बाद मुख्यालय को बांद्रा कुर्ला कॉम्पलैक्स की इमारत में लाया गया। तब से अब तक बांद्रा कुर्ला कॉम्पलैक्स व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है।
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल वॉकहार्ट के पास इस इमारत की 6 से 9 मंजिलें तक ही हैं, बाकी बची इमारत में सिटी बैंक, वेस्टर्न यूनियन बैंक और फ्रैंकलिन टैंपलटन जैसी कंपनियों के दफ्तर हैं। इसके अलावा खोराकीवाला परिवार की एक निजी बीपीओ कंपनी कैरल इन्फो सर्विसेज की भी इस इमारत में हिस्सेदारी है।
सूत्रों का यह भी कहना है खोराकीवाला परिवार ने नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और सेबी के मुख्यालय के बीच स्थित इस 9 मंजिला इमारत को गिरवी रखा हुआ है। पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कंपनी के एक अधिकारी कहते हैं, ‘जहां तक अपना कॉर्पोरेट ऑफिस बेचने की बात है तो हमनें इस बार में कभी सोचा तक नहीं। अगर हम इसे बेच देंगे तब हमारे कर्मचारी कहां बैठेंगे।’