कर्ज से लदे अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की इकाई रिलायंस कैपिटल को अपनी सहायक कंपनियों के लिए एसबीआई लाइफ समेत 10 और निवेशकों से बोली मिली है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस महीने ऋणपत्रधारकों की समिति ने अभिरुचि पत्र जमा कराने की आखिरी तारीख 17 दिसंबर कर दी थी।
सूत्रों ने कहा, रिलायंस कैपिटल की परिसंपत्तियोंं के लिए 10 नई बोली के साथ कुल बोली 70 पर पहुंच गई है। भारतीय स्टेट बैंक की सहायक एसबीआई लाइफ ने भी रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस में रिलायंस कैपिटल की हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।
जापान की बीमा कंपनी निप्पॉन लाइफ के साथ संयुक्त उद्यम वाली कंपनी रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस की चुकता पूंजी 30 सितंबर को 1,196 करोड़ रुपये थी। बीमा कंपनी के पास सितंबर के आखिर में 21,912 करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति थी और कंपनी ने 35 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया था।
रिलायंस कैपिटल की परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण ऋणपत्रधारकों की समिति और डिबेंचर ट्रस्टी विस्ट्रा आईटीसीएल इंडिया ने शुरू किया था, जिसकी हिस्सेदारी फर्म के कुल बकाया कर्ज ेमें 93 फीसदी है। कंपनी के ऊपर करीब 20,000 करोड़ रुपये बकाया है। अभिरुचि पत्र जमा कराने की तारीख 1 दिसंबर थी। लेनदार की सहायक एसबीआई कैपिटल और जेएम फाइनैंंशियल को कुल 60 बोली मिली थी। सहायक कंपनियों रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, रिलायंस सिक्योरिटीज, रिलायंस फाइनैंशियल लिमिटेड और रिलायंस एआरसी में रिलायंस कैपिटल की हिस्सेदारी के लिए बोली मंगाई गई है।