मंदी से जूझ रही जापानी कंपनियां अब लागत में कटौती के लिए भारतीय आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनियों में दिलचस्पी दिखा रही हैं।
यही वजह है कि मुंबई स्थित पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स को जापानी कंपनी से 1 करोड़ डॉलर का ऑर्डर मिला है। यही नहीं, अन्य कंपनियां भी उससे संपर्क कर रही है।
पटनी कंप्यूटर के एशिया पैसिफिक प्रमुख दीपक खोसला ने कहा कि जापान से अभी कंपनी के कुल राजस्व का केवल 5 फीसदी हिस्सा ही आता है, जबकि अगले तीन सालों में कंपनी इसे बढ़ाकर 9 फीसदी करने की योजना बना रही है। पिछले साल जापान में कंपनी के कारोबार में करीब 35 फीसदी का इजाफा हुआ है और आगे भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
खोसला ने बताया कि पटनी कंप्यूटर 10 सालों से जापान में काम कर रही है, लेकिन पिछले दो सालों से ऑर्डर में तेजी आई है, जो मंदी के दौर में शुभ संकेत है। यही वजह है कि कंपनी जापानी बाजार पर खास ध्यान दे रही है। खोसला ने बताया कि जापानी कंपनी चीन से कारोबार करना ज्यादा पसंद करती हैं, यही वजह से है कि भारतीय कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर नहीं मिल पाता है।
हालांकि अब स्थिति में बदलाव हो रहा है और जापानी कंपनियों को यह महसूस होने लगा है कि आउटसोर्सिंग के लिए भारत अच्छा विकल्प है। विश्लेषकों का कहना है कि जापान में आईटी सेवा का बाजार करीब 108 अरब डॉलर का है। इनमें से करीब 76 फीसदी आउटसोर्सिंग का काम चीनी कंपनियों के हिस्से जाता है। शेष काम भारत, वियतनाम, फिलीपींस आदि देशों के हिस्से आता है।
पटनी के करीब 1,100 इंजीनियर मौजूदा समय में जापानी बाजार के लिए काम कर रहे हैं। दो साल पहले कंपनी ने जापानी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए जापान बिानेस सेल का गठन किया था।