बीएस बातचीत
करीब 38,100 करोड़ रुपये के कारोबार वाले मुरुगप्पा ग्रुप की प्रमुख होल्डिंग कंपनी अंबाडी इन्वेंस्टमेंट्स (एआईएल) के शेयरधारकों ने पूर्व कार्यकारी चेयरमैन एमवी मुरुगप्पन की सबसे बड़ी बेटी वल्ली अरुणाचलम को अपने बोर्ड में शामिल करने के खिलाफ मतदान किया है। अमेरिका में रहने वाली अरुणाचलम ने टीई नरसिम्हन से ईमेल के जरिये बातचीत में कंपनी की वार्षिक आम बैठक के परिणाम और आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तृत चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:
आपकी और आपके परिवार की अगली कार्रवाई क्या होगी?
मैं लड़ाई जारी रखूंगी और परिवार द्वारा लिए गए निर्णय से न्याय और स्त्री-पुरुष समानता के लिए हमारी कोशिश कम नहीं होगी।
आप किस आधार पर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी?
हम इस संबंध में अपने सलाहकारों द्वारा विचार-विमर्श के बाद ही अगला कदम उठाएंगे। फिलहाल हम तमाम विकल्पों पर विचार कर रहे हैं लेकिन चूंकि परिवार ने सौहार्दपूर्ण तरीके से मामले को निपटाने के हमारे सभी प्रयासों को अस्वीकार कर दिया है, इसलिए ऐसा लगता है कि अब हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। मुझे भारतीय अदालतों में पूरा भरोसा है। हम उम्मीद करते हैं कि वे इस मामले में गलत डिजाइन और पिछले कुछ वर्षों से परिवार के सदस्योंं द्वारा हमारे साथ हो रहे व्यवहार के बेहद तकनीकी आधार पर गौर करेंगे।
क्या आपने एजीएम से पहले अथवा बाद में बोर्ड या परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य से संपर्क किया?
हम इस मुद्दे पर चर्चा करने और पारिवारिक स्तर पर सौहार्दपूर्ण तरीके से इसे निपटाने के लिए पिछले दो वर्षों से परिवार के सदस्यों को लिख रहे हैं। हाल में, यहां तक कि मेरी मां ने परिवार के सभी वरिष्ठ सदस्यों/ शेयरधारकों को व्यक्तिगत तौर पर पत्र भी लिखा था। पत्र में उन्होंने मेरे स्वर्गीय पिताजी द्वारा किए गए योगदान की याद दिलाते हुए कहा था कि उन्हें हमारे खिलाफ पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण को बदलना चाहिए और मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाना चाहिए। खासतौर पर इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि हम परिवार के सामने रखी गई मांग के लिए कानूनी तौर पर और सही हकदार हैं। हालांकि परिवार के किसी भी सदस्य ने उस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। एजीएम के बाद हमने परिवार के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं किया है।
क्या आप और आपका परिवार हिस्सेदारी बेचने पर विचार करेंगे? क्या आपने बोर्ड अथवा परिवार के अन्य सदस्यों के सामने ऐसा कोई विकल्प रखा है?
मेरे पिताजी के निधन के बाद परिचालन वाली कंपनियों के कारोबार में मेरे परिवार की भागीदारी काफी हद तक सीमित हो गई थी। इसे देखते हुए हम इसे निपटाना चाहेंगे और चाहेंगे कि परिवार एआईएल में हमारी हिस्सेदारी खरीद ले। यह मेरे दिवंगत पिता की इच्छा के अनुरूप भी है। पिछले दो वर्षों के दौरान इस संबंध में कई बार परिवार के सदस्यों को सूचित किया गया लेकिन इसे निपटाने के लिए परिवार ने कोई तत्परता नहीं दिखाई है। उन्होंने उचित मूल्य पर हमारे शेयरों/ हिस्सेदारी को खरीदने के प्रति न केवल अनिच्छा जताई है बल्कि कंपनी के बोर्ड में मुझे उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए भी राजी नहीं हैं। इस प्रस्ताव के बारे में परिवार के उन सभी सदस्यों को सूचित किया गया था जो समान विचार विचार रखते हैं और मतदान में इसकी पुष्टि भी हो गई है। फिलहाल हम इन शेयरों के संबंध में मौजूद सभी विकल्पों पर गौर कर रहे हैं।
आपने परिवार को इस मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए क्या प्रस्ताव दिए? बोर्ड अथवा परिवार ने उस पर विचार क्यों नहीं किया?
मामले को निपटाने के लिए विभिन्न तरीके बताए गए जिनका विस्तृत विवरण फिलहाल मैं नहीं बताना चाहूंगी। इसमें किसी तटस्थ तीसरे पक्ष की मध्यस्थता भी शामिल है जिसे परिवारने अस्वीकार कर दिया था। मैं समझती हूं कि परिवार आपके दूसरे प्रश्न का उत्तर अच्छे तरीके से दे सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किसके साथ आते हैं क्योंकि चेहरे से कहीं अधिक बड़ा आचरण होता है। बोर्ड में 119 साल से परिवार की कोई महिला शामिल नहीं है।