नवगठित राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एनएआरसीएल) को 2 लाख करोड़ रुपये फंसे कर्ज के समाधान से 50,000 करोड़ से 64,000 करोड़ रुपये के बीच रिकवरी की उम्मीद है।
ज्यादा संभावना है कि रिकवरी 28 प्रतिशत या 56,000 करोड़ रुपये हो सकती है। वहीं आंतरिक अनुमानों के मुताबिक दूसरे परिदृश्य में यह 25 प्रतिशत या 50,000 करोड़ रुपये रह सकती है।
वहीं दूसरी ओर अधिकतम रिकवरी दर 32 प्रतिशत हो सकती है और इस स्थिति में एनएआरसीएल को 64,000 करोड़ रुपये रिकवरी की उम्मीद है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बहरहाल फंसे कर्ज के समाधान से रिकवरी निवेशकों द्वारा किए गए मूल्यांकन पर निर्भर होगा, जब इन संपत्तियों की बोली लगाई जाएगी।
एएआरसीएल, जिसे बैड बैंक के नाम से भी जाना जा रहा है, वह बैंकों का फंसा कर्ज उससे जुड़ी संपत्तियों के साथ बुक वैल्यू 2 लाख करोड़ रुपये के 18 प्रतिशत की दर से लेेगा, जो करीब 36,000 करोड़ रुपये होता है।
36,000 करोड़ रुपये का करीब 15 प्रतिशत का भुगतान एनएआरसीएल द्वारा बैंकों को नकद किया जाएगा, जबकि शेष 85 प्रतिशत का भुगतान केंद्र सरकार द्वारा गारंटी दी गई प्रतिभूति प्राप्तियों से होगा।