सत्यम कंप्यूटर को खरीदने की दौड़ में अमेरिकी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी आईगेट कॉरपोरेशन भी शामिल है।
सत्यम खरीद की रणनीति और आईगेट इसकी प्रबल दावेदार कैसे है, इस बारे में कंपनी के सीईओ फणीश मूर्ति से बात की बिभू रंजन मिश्र ने। पेश है, संक्षिप्त अंश:
सत्यम खरीद की दौड़ में आप खुद को सबसे योग्य मानते हैं, इसकी वजह क्या है?
आईगेट शुरुआती दौर में ही सत्यम को खरीदने की इच्छा जता चुकी थी। हालांकि सौदे को लेकर अनिश्चितता और कंपनी की वित्तीय स्थिति का खुलासा नहीं करने से कंपनी की रुचि घट गई थी। हालांकि बाद में कहा गया कि खरीदारी की इच्छुक पार्टियों को सत्यम का वित्तीय लेखा-जोखा दिया जाएगा, तो कंपनी फिर से इसे खरीदने को आगे आई। वैसे, कंपनी का शुरू से ही मानना है कि सत्यम की कीमतों में भारी गिरावट आई है।
सत्यम की वित्तीय स्थिति और ग्राहकों को देखते हुए आईगेट कितनी रकम अदा करने को तैयार है?
सत्यम की कीमत कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट को देखने के बाद ही लगाया जा सकता है। अभी हमें यह भी पता नहीं है कि सत्यम पर कितनी देनदारी है। सच तो यह है कि सत्यम के वित्तीय रिपोर्ट को देखने के बाद ही कंपनी इस बारे में कोई फैसला लेगी।
आपकी नजर में सत्यम की वाजिब कीमत कितनी हो सकती है?
मौजूदा बाजार मूल्य से कम कीमत ही होनी चाहिए। लेकिन यह कितनी कम होगी, यह कंपनी की देनदारियों को देखने के बाद ही पता चल सकता है।
इस सौदे के लिए आप पैसे की व्यवस्था कहां से करेंगे?
आईगेट का 5.5 अरब डॉलर के अमेरिकी पीई फंड के साथ साझा है। जहां से कंपनी को फंड की व्यवस्था करने में आसानी होगी। सही मायने में आईगेट के लिए पैसा कोई मसला है ही नहीं।
जब एलऐंडटी, स्पाइस और टेक महिंद्रा जैसी भारतीय कंपनियां भी सत्यम खरीद में रुचि ले रही हैं, ऐसे में आप खुद को कहां पाते हैं?
मेरा मानना है कि आईगेट सत्यम की सबसे अच्छी खरीदार साबित हो सकती है। पिछले कुछ समय में आईगेट ने कई कंपनियों का अधिग्रहण किया है और उसे घाटे से उबारकर मुनाफा कमाने योग्य बना दिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सत्यम के साथ भी ऐसा कर सकते हैं।