डाबर अपनी रेस्टोरेंट चेन लाइट बाइट के जरिए अब फास्टफूड कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है।
कंपनी के उपाध्यक्ष अमित बर्मन ने बताया कि कंपनी लाइट बाइट के जरिए मैकडॉनल्ड जैसी फूड चेन को कड़ी टक्कर देगी। फूड फोरम इंडिया में अमित ने बताया कि कंपनी मंदी के बावजूद अपनी विस्तार योजना को आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने बताया कि फूड और ब्रेवरेज का संगठित बाजार करीब 7200 करोड़ रुपये का है, जबकि असंगठित क्षेत्र की हिस्सेदारी इसमें करीब 90,000 करोड़ रुपये है। यही वजह है कि कंपनी इस क्षेत्र में 2012 तक करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और देशभर में करीब 200 आउटलेट खोलेगी।
बर्मन के मुताबिक, फूड रिटेल सालाना 30 फीसदी की दर से विकास कर रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में पर्याप्त अवसर हैं, जिसका फायदा लाइट बाइट को मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी कॉरपोरेट कैटरिंग में भी अपने कारोबार का विस्तार करेगी। इसके लिए कंपनी फूड यूनियन नाम से कैटरिंग शुरू करेगी।
मौजूदा समय में कंपनी का फूड कोर्ट हैदराबाद स्थित इन्फोसिस और माइक्रोसॉफ्ट के कार्यलयों में है और अब कंपनी इस योजना को और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का दिल्ली में भी फूड यूनियन क्लिक्स नाम से दो फूड कोर्ट चल रहे हैं।
बर्मन का कहना है कि कंपनी लाइट बाइट को देशभर में मैकडोनाल्ड की तर्ज पर शुरू करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने पिछले साल 38 रेस्टोरेंटों की शुरुआत की है, जिस पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
कॉरपोरेट कैटरिंग कारोबार के बारे में बर्मन ने बताया कि 250 करोड़ रुपये का यह कारोबार 20 फीसदी सालाना की दर से विकास कर रहा है। कंपनी को हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट पर दो फूड कोर्ट खोलने की अनुमति मिली है।
बर्मन का कहना है कि एफएमसीजी स्टोरों की तुलना में फूड रेस्टोरेंट ज्यादा मुनाफे का सौदा है। यही वजह है कि कंपनी इस क्षेत्र को ज्यादा तवाो दे रही है। बर्मन ने बताया कि कंपनी अगले महीने कार्बोनेटेड ड्रिंक्स लॉन्च करने की भी तैयारी कर रही है।