यूबी समूह की 3500 करोड़ रुपये की कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स ने यह कहा है कि वह व्हाइटी ऐंड मैके की 49 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार है। मालूम हो कि कंपनी ने इस स्कॉटलैंड की शराब कंपनी को मई 2007 में 4800 करोड़ रुपये में खरीदा था।
दरअसल कंपनी अपने भारी भरकम बैलेंस शीट में कर्ज के दबाव को कम करने के लिए निजी इक्विटी निवेशक या रणनीतिक निवेशक या पब्लिक ऑफर के जरिये उगाही की योजना बना रही है। यूनाइटेड स्पिरिट्स पर फिलहाल 7100 करोड़ रुपये का कर्ज है।
यूनाइटेड स्पिरिट्स ने डब्ल्यू ऐंड एम को खरीदने के लिए आईसीआईसीआई से 32.5 करोड़ यूरो और सिटीबैंक ने 21 करोड़ यूरो का कर्ज लिया था। ऐसा कहा जा रहा है कि व्हाइटी ऐंड मैके ने पिछले साल 16 करोड़ स्टर्लिंग पाउंड की बिक्री की है और 2 करोड़ 30 लाख का लाभ अर्जित की है।
वित्तीय वर्ष 2009 के शुरुआती नौ महीने में व्हाइटी ऐंड मैके ने बिक्री में 8 फीसदी का इजाफा दर्ज किया है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज में यूएसएल के स्टॉक में 13 फीसदी का उछाल आया है और सोमवार को यह 700.80 रुपये पर बंद हुआ।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि 49 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के पीछे यूएसएल के लाभ को नियंत्रित करना है। हालांकि उन्होंने इस बाबत किसी विस्तृत टिप्पणी से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि स्कॉच ह्विस्की की इकाई को थोड़ा बहुत लाभ मिल सकता है।
विनिवेश के जरिये पूंजी उगाही पर यूबी समूह के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि डियाजियो ने के साथ यूनाइटेड स्पिरिट्स की 38 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर बातचीत चल रही है।
एक सूत्र ने बताया, ‘इससे यूनाइटेड स्पिरिट्स पर कर्ज के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इसके जरिये हम 1200 से 1500 करोड़ रुपये की उगाही कर पाने में सक्षम हो सकते हैं।’
यूनाइटेड स्पिरिट्स ने साल भर चली लंबी वार्ता के बाद व्हाइटी ऐंड मैके का अधिग्रहण करने में सफलता पाई थी, जिसके पास डालमोर, आइसल ऑफ जुरा, ब्लादिवार वोडका, ग्लेवा, फेटरकेयर्न और व्हाइटी ऐंड मैके स्कॉच जैसे ब्रांड हैं।
इसके अलावा डब्ल्यू ऐंड एम स्कॉच ह्विस्की की दूसरी ब्रांड मेकिन्लेज, जॉन बार, क्लूनी और क्लेमोर का भी मालिकाना हक है।
हाल की घोषणा में यूनाइटेड स्पिरिट्स ने कहा है कि व्हाइटी ऐंड मैके की स्कॉच ह्विस्की के स्टॉक में अधिग्रहण के समय से अभी 49 फीसदी का उछाल आया है और अभी इसकी कीमत 45 करोड़ 60 लाख स्टर्लिंग पाउंड है।
माल्या की मजबूरी
3500 करोड़ रुपये में हिस्सेदारी बेचने को तैयार है यूनाइटेड स्पिरिट
इसे मई, 2007 में 4800 करोड़ रुपये में खरीदा था माल्या ने
कर्ज कम करने के लिए कंपनी बेच रही है व्हाइटी ऐंड मैके में हिस्सेदारी