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L&T को मिली दो अपतटीय परियोजनाओं की जिम्मेदारी, ओएनजीसी से मिला बड़ा ऑर्डर

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इन सब कामों का उद्देश्य तेल और गैस उत्पादन बढ़ाना एवं इस क्षेत्र में ओएनजीसी की समुद्री तेल-गैस परिसंपत्तियों के विकास को गति देना है

Last Updated- September 09, 2026 | 10:10 PM IST
Larsen and Toubro
प्रतीकात्मक तस्वीर

लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) को ऑयल ऐंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) से दो अपतटीय परियोजनाओं- रत्ना-1 (एडीआर-I) और एनएलएम-14 के विकास के लिए बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी के अनुसार वह 2,500 करोड़ रुपये से 5,000 करोड़ रुपये के बीच के सौदों को बड़ा मानती है।

इस पूरी परियोजना में समुद्र के भीतर तीन नए वेल-हेड प्लेटफॉर्म और एक राइजर प्लेटफॉर्म बनाना शामिल है। इसके अलावा समुद्र के नीचे पाइपलाइनें और केबल बिछाए जाएंगे और पहले से मौजूद ढांचों में कुछ बदलाव और सुधार किए जाएंगे।

इन सब कामों का उद्देश्य तेल और गैस उत्पादन बढ़ाना एवं इस क्षेत्र में ओएनजीसी की समुद्री तेल-गैस परिसंपत्तियों के विकास को गति देना है।

एलऐंडटी एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑफशोर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमुख पार्थसारथि चटर्जी ने कहा, ‘इन परियोजनाओं के तहत नई समुद्री सुविधाओं के साथ-साथ पहले से मौजूद संयंत्रों में बदलाव किया जाना हैं।

इसलिए इसकी योजना बनाने के दौरान इंजीनियरिंग के तमाम कामों को आपस में जोड़ने और पूरे काम को सावधानीपूर्वक सटीक तरीके से पूरा करने पर ध्यान देना होगा।’

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First Published - September 9, 2026 | 10:03 PM IST

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