नई दिल्ली की आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजिज ने परिचालन मार्जिन पर दबाव कम करने के लिए 2009-10 के लिए अपनी कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं करने का निर्णय लिया है।
कंपनी ने संकेत दिया है कि अमेरिकी और यूरोपीय बाजार में मांग में कमी होने की वजह से 31 जुलाई 2009 को समाप्त हुए साल तक कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके अलावा कंपनी ने यह भी कहा है कि अन्य कारोबारी खंड में हो रहे खर्च पर भी नियंत्रण की जाएगी।
बोनस के मोर्चे पर कर्मचारियों को हताशा हाथ लगी है। 1 अप्रैल 2009 से मिलने वाले रिटेनर बोनस में भी कटौती की जा रही है। कर्मचारियों के कुल वेतन का 10 फीसदी रिटेनर बोनस के तौर पर दी जाती है। यात्रा भत्ता में भी जबर्दस्त कटौती की गई है।
एचसीएल के एक कर्मचारी ने बताया, ‘एचसीएल ने यात्रा के आग्रह को लगभग खत्म कर दिया है। ऑनसाइट कर्मचारियों को ही विशिष्ट मामलों में यात्रा करने की अनुमति दी जाती है। इसलिए कर्मचारियों द्वारा यात्रा भत्ता पाने की संभावना को ही कम कर दिया गया है।’
एचसीएल के प्रवक्ता ने इस बाबत बताया कि कर्मचारियों से अभी जो भी बात की गई है, वह हमारी नियत प्रक्रिया का एक हिस्सा है। कंपनी ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उन्हें मौजूदा वित्तीय संकट और बाजार की स्थिति, ग्राहकों की बदलती जरूरतों और रणनीति के बारे में जानकारी दी है।