सरकार ऑफर फोर सेल (ओएफएस) के जरिये स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) में 10 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचगी। इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को 2,600 करोड़ रुपये हासिल होने की संभावना है।
सरकार सबसे बड़ी इस्पात निर्माण कंपनियों में से एक सेल में 20.65 करोड़ शेयर या 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। यह बिक्री 64 प्रति शेयर के भाव पर बेची जाएगी। सरकार ने निर्गम को ज्यादा आवेदन मिलने की स्थिति में अतिरिक्त 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी खुला रखा है। इस बिक्री के बाद सरकार की हिस्सेदारी सेल में 75 प्रतिशत से घटकर 65 प्रतिशत रह जाएगी, बशर्ते कि ग्रीनशू विकल्प के तहत बिक्री की जाए।
इस्पात निर्माता में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को विनिवेश प्राप्तियों में 2,600 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
यह निर्गम गैर-खुदरा निवेशकों के लिए 14 जनवरी और खुदरा निवेशकों के लिए 15 जनवरी को खुलेगा। इस्पात मंत्रालय के अधीन आने वाली सेल की सालाना कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता 2.14 करोड़ टन की है।
बाजार के रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंचने से सरकार तेजी से हिस्सेदारी बिक्री के मार्ग पर बढ़ रही है, क्योंकि वह चालू वित्त वर्ष के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये का अपना महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरा करने की कोशिश कर रही है। सरकार को आईआरएफसी आईपीओ से करीब 1,500 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है, जिसे 18 जनवरी को पेश किया जाएगा। प्रमुख निवेशकों के लिए आवंटन वाला यह पहला आईपीओ होगा।
मौजूदा वित्त वर्ष के लिए दीपक के लक्ष्य में भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी का आईपीओ और आईडीबीआई में हिस्सेदारी बिक्री भी शामिल है जिसके साथ ही कुल लक्ष्य बढ़कर 2.1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। एलआईसी के आईपीओ और आईडीबीआई में हिस्सेदारी बिक्री इस साल पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है। सरकार ने विनिवेश प्राप्तियों में अभी सिर्फ 13,844.5 करोड़ रुपये ही जुटाए हैं।