अगले साल कॉरपोरेट सुधार पर जोर!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 10:07 AM IST

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय 2021 में कारोबारियों को चुनौतियों से उबरने में मदद करने और प्रत्यक्ष विदेशी सूचीबद्धता जैसे सुधारों को रफ्तार देने की योजना बना रही है। इन सुधारों से विशेष तौर पर स्टार्टअप और ई-कॉमर्स कंपनियों को मदद मिलेगी। कोविड-19 संकट के कारण के कुछ हस्तक्षेप और वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिये शेयरधारकों की बैठक का आयोजन जैसे प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल फिलहाल बरकरार रहेंगे। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर मधुसूदन कनकानी ने कहा, ‘इस वैश्विक महामारी ने हमें महसूस कराया है कि बैठक, मतदान आदि के लिए भौतिक उपस्थिति आवश्यक नहीं है। इसे वैश्विक महामारी खत्म होने के बाद भी सरकार को एक प्रावधान के तौर पर बरकरार रखने पर विचार करना चाहिए क्योंकि डिजिटलीकरण आगे बढऩे का एक तरीका है।’ 
 
मंत्रालय से उम्मीद की जाती है कि वह कारोबारी सुगमता के लिए सुधार को जारी रखेगा। उसने पहले से ही चार आर्थिक अपराधों को फौजदारी श्रेणी बाहर कर दिया है। इनमें प्रक्रियात्मक खामियों की चिंता भी बरकरार थी। जेल की सजा को हटा दिया गया है और जुर्माना कम या समाप्त कर दिया गया है।’ कुछ मामलों में जेल की सजा को जुर्माने या दंड के साथ बदल दिया गया है। एसआर बाटलीबोई ऐंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर सुधीर सोनी ने कहा, ‘अधिक से अधिक डिजिटलीकरण की प्रवृत्ति और कानून में संशोधन के जरिये फौजदारी प्रावधानों को हटाए जाने एवं अनजाने में किए गए या मामूली गैर-अनुपालन के लिए जुर्माने में कमी के जरिये कारोबारी सुगमता में सुधार जारी रहना चाहिए। मंत्रालय ने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों के दायित्व से संबंधित प्रावधानों का विस्तार से जांच भी कर सकता है जो काफी महत्त्वपूर्ण है।’ नए साल में सीमित दायित्व भागीदारी अधिनियम को फौजदारी मामलों से किए जाने की उम्मीद है। कंपनियां को कंपनी कानून के कुछ प्रावधानों को अधिक स्पष्टï किए जाने की उम्मीद है। कंपनी कानून में ऐसे कई प्रावधान हैं जिन्हें अभी तक अधिसूचित नहीं किया गया है। उदाहरण के लिए, कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी आदि से संबंधित प्रावधान। हालांकि कंपनी ऑडिटर्स रिपोर्ट ऑर्डर 2020 को अब 2021-22 तक के लिए टाल दिया गया है। सरकार निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में अधिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पहल कर सकती है।
 
मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए कानून में एक उपयुक्त प्रावधान जोडऩे की योजना बनाई है ताकि बड़ी गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अपने पोर्टल पर तिमाही परिणाम जारी करना आवश्यक हो सके।  कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स के पार्टनर अंकित सिंघी ने कहा, ‘हालांकि वैश्विक महामारी के दौरान मंत्रालय ने बोझ को कम करने के लिए लगातार अनुपालन में छूट दी है लेकिन अभी काफी कुछ करने की जरूरत है।’

First Published : December 31, 2020 | 11:26 PM IST