facebookmetapixel
Advertisement
रूस से तेल खरीदना पड़ेगा महंगा? भारत पर 100% टैरिफ लगाने की राह में अमेरिका ने बढ़ाया कदमकच्चे तेल में गिरावट, ब्रेंट 108 डॉलर के करीब; अमेरिकी भंडार बढ़ने से कीमतों पर दबावयोगी सरकार की पहल, स्वयं सहायता समूहों के 3,000 से ज्यादा उत्पाद अब ऑनलाइन बिकेंगेStock Market Today: बाजार में दिख सकती है सुस्त शुरुआत! GIFT Nifty फिसला, एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबारमथुरा में एथेनॉल प्लांट को योगी कैबिनेट की मंजूरी, खिलौना निर्माण के लिए भी नई नीतिStocks To Watch Today: बाजार खुलने से पहले जान लें इन शेयरों की खबरें, BHEL से सात्विक ग्रीन एनर्जी तक कई स्टॉक्स रहेंगे फोकस मेंभारतीय पुलिस ने किया 5 लाख से ज्यादा फर्जी जीमेल अकाउंट के नेटवर्क का पर्दाफाश, अब गूगल से करेगी पूछताछ‘देश को दें सर्वोच्च प्राथमिकता’, जेन जी और जेन अल्फा से बोलीं सीतारमण, कहा: नेतृत्व संभालने को रहें तैयारRBI की डॉलर-रुपया स्वैप से मिली बड़ी राहत, अब टिकाऊ और बिना कर्ज वाली विदेशी पूंजी पर जोर जरूरीवैश्विक व्यापार नीतियों में बढ़े विरोधाभास, अमेरिका-चीन से भारत तक दोहरे मानदंडों ने बढ़ाई चिंता

प्रवर्तन निदेशालय ने 40 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:05 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु की एक कंपनी के खिलाफ  ऋण बैंक  धोखाधड़ी से जुड़ी धन शोधन जांच के एक मामलें में  40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त किया है।
ईडी ने कहा कि धनशोधन रोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कावेरी टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के आवासीय अपार्टमेंट, प्लॉट, कृषि भूमि और बैंक जमा को जब्त करने का आदेश दिया है। जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 40.14 करोड़ रुपये है।
यह धन शोधन का मामला जुलाई, 2015 में बेंगलुरु में सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधक शाखा द्वारा कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी के बाद सामने आया था।
ईडी ने कहा कि सीबीआई की प्राथमिकी देना बैंक के तत्कालीन उप-महाप्रबंधक (डीजीएम) द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसमें कंपनी और उसके निदेशकों द्वारा लिए गए ऋण के संबंध में बैंक के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।
कंपनी और उसके निदेशकों ने उपकरण खरीदने के नाम पर तत्कालीन देना बैंक से 45 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि इसने कर्ज को अपनी सहयोगी और नियंत्रण वाली इकाइयों के जरिये इधर-उधर किया था।
ईडी ने कहा कि कंपनी के निदेशकों ने ऋण प्राप्त करने के लिए बैंक के साथ नकली और मनगढ़ंत कर चालान और जाली रसीद आदि जमा की।
 

Advertisement
First Published - August 4, 2022 | 4:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement