प्रतीकात्मक तस्वीर
दवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (डीआरएल) वित्त वर्ष 2027 के लिए 120 लाख सेमाग्लूटाइड पेन का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य पूरा नहीं कर सकती है। इसकी वजह यह है कि दवा में प्रयुक्त सक्रिय फार्मास्युटिकल घटक (एपीआई) में गुणवत्ता संबंधी समस्याओं के कारण आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई है।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एरेज इजरायली ने निवेशकों के साथ एक कॉल में कहा, ‘हालांकि इस मामले से हमारी उत्पादन समय-सीमा प्रभावित होती है, लेकिन हमें वित्त वर्ष 2027 की तीसरी और चौथी तिमाही में पहले से बिके हुए पेनों के अलावा 60 से 70 लाख पेनों का उत्पादन करने की उम्मीद है।’
गुरुवार को एक नियामकीय फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि उत्पाद में उपयोग किए गए एपीआई से संबंधित समस्याओं के कारण सेमाग्लूटाइड के कुछ बैच विनिर्देशों से हटकर पाए गए। एपीआई का यह विशेष बैच सेमाग्लूटाइड उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया का हिस्सा था। इजरायली ने बताया कि पहली नजर में अशुद्धि एपीआई के इस विशिष्ट बैच में हुई किसी प्रतिक्रिया से संबंधित प्रक्रिया के कारण थी, जिससे फॉर्मूलेशन की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती थी। हालांकि मूल कारण का पता लगाने और उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करने के लिए जांच अभी जारी है।
इजरायली ने कहा कि इस घटना का चल रहे संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे रोगी की सुरक्षा या उत्पाद के मौजूदा वैश्विक नियामकीय फाइलिंग पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, समस्या का समाधान होने और विनिर्माण प्रक्रियाओं के पुनः सत्यापन होने तक उत्पाद की व्यावसायिक आपूर्ति में देरी होगी।
इजरायली ने कहा, ‘हमारा अनुमान था कि हम जुलाई और अक्टूबर के बीच पेन का उत्पादन और बिक्री शुरू कर पाएंगे। हालांकि इस मामले का समाधान सितंबर तक होने की उम्मीद है, लेकिन वास्तविक आपूर्ति इस साल अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत तक ही दोबारा शुरू हो पाएगी।’ गुरुवार को बीएसई पर डीआरएल के शेयर 5.85 प्रतिशत गिरकर लगभग 1,269.80 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।