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WhatsApp Username Feature: यूजरनेम फीचर पर WhatsApp ने सरकार को भेजा जवाब, अब IT मंत्रालय करेगा जांच

WhatsApp ने Username फीचर पर सरकार के नोटिस का जवाब सौंप दिया है, जिसे IT मंत्रालय सुरक्षा और साइबर फ्रॉड के जोखिमों को देखते हुए जांच रहा है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- July 10, 2026 | 10:13 AM IST

WhatsApp Username Feature: Meta के स्वामित्व वाले WhatsApp के प्रस्तावित ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर केंद्र सरकार और कंपनी के बीच बातचीत जारी है। इस बीच WhatsApp ने केंद्र सरकार के नोटिस का जवाब सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को सौंप दिया है। अब मंत्रालय इस जवाब की जांच कर रहा है। सरकार को आशंका है कि यह फीचर शुरू होने के बाद ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पहचान बनाकर ठगी जैसे साइबर अपराधों का खतरा बढ़ सकता है।

आईटी सचिव एस. कृष्णन (S Krishnan) ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि WhatsApp की ओर से यूजरनेम फीचर पर नोटिस का जवाब उसी दिन मिलने की उम्मीद है। बाद में सूत्रों ने पुष्टि की कि कंपनी ने अपना जवाब आईटी मंत्रालय को सौंप दिया है और अब मंत्रालय उसकी समीक्षा कर रहा है।

एस. कृष्णन ने यह भी बताया कि इसी मुद्दे पर Telegram और Signal को भेजे गए नोटिस का जवाब अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों के पास जवाब देने के लिए अभी कुछ समय बाकी है और जवाब मिलने के बाद सरकार पूरे मामले की जांच करेगी।

सरकार ने क्यों भेजा था नोटिस?

पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने WhatsApp को नोटिस जारी कर प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर कई सवाल उठाए थे। सरकार का कहना था कि अगर लोग बिना मोबाइल नंबर साझा किए केवल यूजरनेम के जरिए बातचीत कर सकेंगे, तो इसका गलत इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगने और साइबर अपराध करने की आशंका बढ़ सकती है।

सरकार ने WhatsApp को यह भी निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर चर्चा पूरी नहीं हो जाती और सरकार संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाए।

WhatsApp ने सरकार को क्या भरोसा दिया?

WhatsApp ने इससे पहले सरकार से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया था कि भारत में यूजरनेम फीचर तब तक शुरू नहीं किया जाएगा, जब तक सरकार के साथ सभी जरूरी चर्चा पूरी नहीं हो जाती।

हालांकि, कंपनी ने अब तक सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि उसने आईटी मंत्रालय को दिए गए जवाब में क्या जानकारी साझा की है।

यूजरनेम फीचर कैसे करेगा काम?

WhatsApp का नया यूजरनेम फीचर यूजर्स को बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए बातचीत करने की सुविधा देगा। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य लोगों की निजता को बेहतर बनाना है।

हालांकि, सरकार का मानना है कि मोबाइल नंबर की जगह यूजरनेम का इस्तेमाल बढ़ने से साइबर अपराधी फर्जी पहचान बनाकर लोगों को निशाना बना सकते हैं। इसी वजह से सरकार इस फीचर के सुरक्षा पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही है।

सुरक्षा को लेकर WhatsApp का दावा

WhatsApp के मुताबिक, यूजरनेम फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है और इसे इस साल चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, मशहूर लोगों और Meta के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े प्रमुख यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि उनका गलत इस्तेमाल न हो सके।

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कंपनी ने यह भी कहा है कि किसी यूजर को संदेश भेजने के लिए सामने वाले का सही यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। इसके अलावा नए अकाउंट कितने लोगों से संपर्क कर सकते हैं, इस पर भी सीमा तय की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी पहचान और धोखाधड़ी की कोशिशों का पता लगाने के लिए अलग सुरक्षा तंत्र भी तैयार किया गया है।

WhatsApp के अनुसार, जब कोई व्यक्ति पहली बार यूजरनेम के जरिए संदेश भेजेगा, तब रिसीवर को यह जानकारी दिखाई जाएगी कि संदेश भेजने वाला नया अकाउंट है या नहीं, वह उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद है या नहीं, कोई साझा ग्रुप है या नहीं और वह किस देश से संदेश भेज रहा है। इससे यूजर्स किसी अनजान व्यक्ति के संदेश का जवाब देने से पहले बेहतर फैसला ले सकेंगे।

Telegram और Signal भी सरकार के रडार पर

WhatsApp के अलावा केंद्र सरकार ने Telegram और Signal को भी उनके यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस भेजा है। सरकार ने इन दोनों प्लेटफॉर्म से पूछा है कि वे फर्जी पहचान, ऑनलाइन ठगी और प्रतिरूपण (Impersonation) जैसे जोखिमों से निपटने के लिए क्या सुरक्षा उपाय अपना रहे हैं। इन कंपनियों के जवाब मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।

First Published : July 10, 2026 | 10:13 AM IST