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8th Pay Commission की तैयारी तेज, कर्मचारियों से सुझाव लेने कई राज्यों का करेगा दौरा; जानें पूरा प्लान

8वें वेतन आयोग ने अगस्त और सितंबर के लिए राज्यों के दौरों का शेड्यूल जारी किया है, ताकि कर्मचारियों की सिफारिशों पर फैसला लिया जा सके

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- August 02, 2026 | 9:51 AM IST

देश के लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, पेंशन में क्या बदलाव होंगे और फिटमेंट फैक्टर को लेकर आयोग क्या सिफारिश करेगा।

आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है। इस तय समय का लगभग आधा हिस्सा पूरा होने की ओर है। इसी बीच आयोग अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके संगठनों से सुझाव जुटा रहा है, ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय सभी पक्षों की राय को शामिल किया जा सके।

अगस्त और सितंबर में कई राज्यों का दौरा करेगा आयोग

अप्रैल, मई, जून और जुलाई के दौरान 8वें वेतन आयोग ने कई राज्यों में बैठकें और दौरे किए। अब अगस्त और सितंबर के लिए भी आयोग का कार्यक्रम तय हो चुका है।

दिल्ली में आयोग 7 और 10 अगस्त 2026 को केंद्रीय सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों, महासंघों और यूनियनों से बातचीत करेगा। ऐसे संगठन जिन्होंने पहले अपना ज्ञापन जमा कर दिया है, लेकिन अब तक आयोग से मुलाकात नहीं कर पाए हैं, वे 31 जुलाई तक इसके लिए आवेदन भेज सकते हैं।

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इसके बाद आयोग 7 और 8 सितंबर 2026 को चेन्नई पहुंचेगा। तमिलनाडु के वे संगठन और कर्मचारी प्रतिनिधि, जो आयोग के सामने अपने सुझाव रखना चाहते हैं, उन्हें 18 अगस्त तक मुलाकात का अनुरोध भेजना होगा।

9 सितंबर 2026 को आयोग पुडुचेरी का दौरा करेगा। इस बैठक में केवल पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े हितधारकों को शामिल किया जाएगा। यहां भी आयोग से मिलने के लिए 18 अगस्त तक आवेदन करना होगा।

इसके बाद 16 से 18 सितंबर 2026 तक आयोग चंडीगढ़ में रहेगा। इस दौरान पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के कर्मचारी संगठनों और प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे। यहां बैठक के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 अगस्त तय की गई है।

कर्मचारियों के सुझावों को मिलेगा अहम स्थान

आयोग की इन बैठकों को काफी जरूरी माना जा रहा है। कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों की ओर से दिए जाने वाले सुझाव आयोग की सिफारिशों को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन बैठकों में शामिल होने वाले संगठन बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें रक्षा क्षेत्र और भारतीय रेलवे के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

मुंबई दौरे की तारीख का अभी ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, पिछले महीने रेलवे मंत्रालय ने बताया था कि 8वां वेतन आयोग सेंट्रल रेलवे जोन के तहत आने वाले रेलवे प्रतिष्ठानों का दौरा करने की तैयारी कर रहा है। इस दौरे का मकसद रेलवे कर्मचारियों और मजदूरों की कामकाजी परिस्थितियों को करीब से समझना है, ताकि रिपोर्ट तैयार करते समय उनकी जरूरतों और सुझावों को भी ध्यान में रखा जा सके।

कब तक आ सकती है रिपोर्ट?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद केंद्र सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी और फिर उन्हें लागू करने को लेकर अंतिम फैसला लेगी।

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को आयोग का आधिकारिक गठन किया गया। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। जुलाई 2026 के मध्य तक इस तय अवधि के आठ महीने से ज्यादा पूरे हो चुके थे, जबकि रिपोर्ट सौंपने के लिए उसके पास करीब 10 महीने का समय बाकी था।

First Published : August 2, 2026 | 9:49 AM IST