डायल ने एएआई के साथ राजस्व साझेदारी रोकी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 13, 2022 | 9:36 AM IST

दिल्ली इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने सरकारी नियंत्रण वाले एयरपोर्ट अथॉरिट ऑफ इंडिया (एएआई) के साथ राजस्व साझेदारी समझौते को निलंबित करने के लिए ‘फोर्स मेजर’ (प्राकृतिक आपदा अथवा अप्रत्याशित घटना) के प्रावधान का इस्तेमाल किया है। डायल का कहना है कि कोविड-19 महामारी ने उड़ानों को प्रभावित किया जिसका सीधा असर कंपनी के राजस्व पर पड़ा। डायल दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन करती है जो यात्रियों की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है।
दिल्ली हवाई अड्डे के निजीकरण की प्रक्रिया के तहत सन 2006 में एएआई और डायल के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके तहत डायल अपने सालाना राजस्व का 45.99 फीसदी हिस्सा रियायत शुल्क के रूप में एएआई को देती है। यह राशि हर तिमाही एक एस्क्रो खाते में जमा की जाती है जिसे एएआई बाद में अपने खाते में स्थानांतरित करता है।
डायल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 399.20 करोड़ रुपये की उस राशि की वसूली की गुहार भी लगाई है जो उसने अप्रैल से एएआई को राजस्व साझेदारी समझौते के तहत दी है। देश में 24 मार्च के बाद दो माह तक हवाई परिवहन बंद रहा क्योंकि सरकार ने कोरोनावायरस महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया था।
डायल के प्रवक्ता ने इस संबंध में किए गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। 9 सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने एएआई से कहा था कि वह डायल द्वारा जमा की गई 399.20 करोड़ रुपये की राशि के बारे में एक नोट पेश कर जानकारी दे। मामले से अवगत एक व्यक्ति ने कहा, ‘डायल के बोर्ड ने नवंबर में फोर्स मेजर प्रावधान लागू करने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया था और उसी के अनुरूप एएआई से संपर्क किया गया है कि हवाई यातायात सामान्य होने तक राजस्व साझेदारी रोकी जाए।’
न्यायालय का रुख करने के बारे में उक्त व्यक्ति ने कहा कि डायल चाहती है कि उसे एस्क्रो खाते में जमा पैसे का उपयोग हवाई अड्डे के रखरखाव तथा व्यय के लिए करने दिया जाए। लॉकडाउन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को सबसे अधिक प्रभावित किया। घरेलू हवाई यात्राएं जहां सन 2019 के स्तर के 60 फीसदी तक वापसी कर चुकी हैं वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नहीं शुरू होने से हवाई अड्डों के विस्तार और क्षमता बढ़ाने की योजना स्थगित करनी पड़ रही है। मुंबई हवाई अड्डे ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना स्थगित की है जबकि दिल्ली हवाई अड्डे ने टर्मिनल 1 के विस्तार की योजना को एक साल के लिए टाल दिया है। दिल्ली हवाई अड्डे के अनुमान के मुताबिक उसे वित्त वर्ष 2021 में करीब 1,330 करोड़ रुपये का नुकसान होगा जबकि वित्त वर्ष 2020 में उसे 383 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। डायल द्वारा फोर्स मेजर प्रावधान लागू करने के बाद एएआई की वित्तीय स्थिति और प्रभावित होगी। उसे सन 1995 में स्थापना के बाद पहली बार नुकसान का सामना करना पड़ेगा। डायल और एमआईएएल अपने-अपने राजस्व का क्रमश: 45.99 और 38.7 फीसदी हिस्सा शुल्क के रूप में एएआई को देते हैं।

First Published : December 16, 2020 | 10:52 PM IST