पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) प्रमुख एल. मानसिंह से अजय मोदी ने बात की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश :
देश के 6 शहरों के सीजीडी नेटवर्क के लिए सिर्फ 8 कंपनियों ने ही बोली लगाई। इतनी कम भागीदारी के लिए क्या मंदी जिम्मेदार है?
सही बात तो यही कि यह हमारी उम्मीद से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया रही। फिलहाल मंदी का दौर चल रहा है और कोई भी बहुत ज्यादा कंपनियों की भागीदारी की उम्मीद नहीं कर सकता।
पहले दौर में विदेशी कंपनियों की भागीदारी नहीं रही। भविष्य में विदेशी कंपनियों के बोली में हिस्सेदारी की कितनी संभावना है?
विदेशी कंपनियों के लिए इस दौर में निवेश करना काफी मुश्किल है। मुझे पूरी उम्मीद है कि हालात सुधरने के बाद विदेशी कंपनियां यहां जरूर आएंगी।
सीजीडी के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए भारी निवेश की जरूरत होती है। पीएनजीआरबी ने 10 साल के लिए कर पूरी तरह समाप्त करने की सलाह दी है। अभी क्या स्थिति है?
आयकर कानून में दूसरे देशों से जुड़ी गैस पाइपलाइन के मामले में टैक्स छूट का तो प्रावधान है, लेकिन इसमें सीजीडी का स्पष्ट तौर पर उल्लेख नहीं किया गया है। हमने वित्त मंत्रालय से सीजीडी को भी इसमें शामिल करने का अनुरोध किया है।