घरेलू सीमेंट क्षेत्र से उम्मीद है कि वह दिसंबर में समाप्त होने वाली तिमाही के दौरान मात्रात्मक राजस्व वृद्धि दर्ज करेगा, क्योंकि खास तौर पर आवास के लिए अद्र्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों की मजबूत मांग से खासी सहायता मिलने की संभावना है।
एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान सीमेंट उद्योग की मांग ने सालाना आधार पर छह से सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जबकि इससे पिछली तिमाही में सालाना आधार पर पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सुधार ग्रामीण खंड द्वारा संचालित रहा है। इसके बाद मध्य स्तर के शहरों के जोर पकडऩे और शहरी खंड में हल्के सुधार के साथ बुनियादी ढांचा खंड का स्थान रहा है।
उत्तरी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में मांग अच्छी थी, जबकि दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में इसमें गिरावट आई। निर्मल बांग की रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के लिए मांग के मुख्य संचालक बुनियादी ढांचागत व्यय (मुख्य रूप से सरकारी) और ग्रामीण आवास थे। अधिक कल्याणकारी व्यय और बेहतर फसल उत्पादन से सीमेंट जिंस की मांग बढ़ी है।
ब्रोकरों ने कहा कि इस बीच समीक्षाधीन अवधि में उत्पादन की बढ़ी हुई लागत के साथ हल्के मूल्य निर्धारण के परिदृश्य से इस क्षेत्र के प्रति टन एबिटा को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
देश भर में सीमेंट की कीमतों में दिसंबर तिमाही के दौरान क्रमिक रूप से दो से तीन प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इसकी वजह खास तौर पर पूर्व और दक्षिण में दामों में गिरावट रही है। उत्तर, पश्चिम और मध्य क्षेत्रों में नजर आए स्थिर रुख ने इसकी आंशिक रूप से भरपाई की है।
निर्मल बांग ने कहा कि कुल मिलाकर संयुक्त आधार पर हमें मात्रा में सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत इजाफे, प्राप्ति में तिमाही आधार पर 1.9 प्रतिशत गिरावट और प्रति टन एबिटा में तिमाही आधार पर 12.7 प्रतिशत गिरावट की संभावना लगती है।
लागत के लिहाज से तिमाही आधार पर कच्चे तेल, डीजल और आयातित कोक की कीमतों में क्रमश: 21 प्रतिशत, 4.4 प्रतिशत और 49 प्रतिशत का इजाफा हुआ है जिससे माल ढुलाई की लागत, बिजली और ईंधन की लागत बढ़ेगी।
आईआईएफएल सिक्योरिटीज ने कहा है कि कंपनियों ने अपना बिक्री लक्ष्य पूरा करने के लिए साल के आखिर में दिसंबर तक कीमतों में छूट दी तथा अधिक बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के लिए भागीदारों द्वारा जोरदार तरीके से मूल्य निर्धारण किया गया जिससे दामों में गिरावट आई।
हालांकि दिसंबर तिमाही के दौरान प्रति टन एबिटा में क्रमिक रूप से गिरावट आने की संभावना है, लेकिन सालाना आधार पर इसमें इजाफे का रुख रहने की उम्मीद है।
एंटिक स्टॉक की रिपोर्ट में कहा गया है कि हमें उद्योग के लिए तीसरी तिमाही में प्रति टन एबिटा (औसत) तिमाही आधार पर 150 रुपये तक कम होने की संभावना लगती है, जो अब भी सालाना आधार पर प्रति टन 240 से 260 रुपये तक अधिक है।
लार्ज कैप सीमेंट कंपनियां प्रति टन एबिट में 90 से 140 रुपये के दायरे में गिरावट देख सकती हैं, जबकि मिड और स्माल कैप कंपनियां को प्रति टन एबिटा में 60 से 300 रुपये के दायरे में गिरावट नजर आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे तीव्र गिरावट दक्षिण और पूर्व से संपर्क रखने वाली कंपनियों के लिए होगी।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शीर्ष कंपनियों में एसीसी से उम्मीद है कि वह उत्तर और पूर्व क्षेत्रों में रफ्तार पकडऩे की वजह से दिसंबर तिमाही के दौरान तिमाही आधार पर बिक्री में 23.5 फीसदी वृद्धि दर्ज करेगी।