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सीबीआई का राणा कपूर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

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Last Updated- December 15, 2022 | 8:01 AM IST

प्रवर्तन निदेशालय के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आज येस बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर और 11 अन्य के खिलाफ मुंबई सत्र न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया है।
सीबीआई ने 7 मार्च को येस बैंक द्वारा कथित रूप से कर्ज देने में धोखाधड़ी, गड़बडिय़ों व आपराधिक संयंत्र मामला दर्ज किया था, जिसमें कपूर को डीएचएफएल के प्रवर्तक धीरज और कपिल वधावन से लाभ मिले थे।
100 पृष्ठ से ज्यादा के आरोपपत्र में डीएचएफएल, उसके प्रवर्तकों वधावन, कपूर की पुत्रियों के उद्यम डीओआईटी अर्बन वेंचर्स लिमिटेड (डीयूवीपीएल) को भी येस बैंक घोटाले में आरोपी के रूप में शामिल किया गया है।
सीबीआई के मुताबिक राणा कपूर ने अपने कार्यकाल में येस बैंक के माध्यम से डीएचएफएल को कर्ज की सहूलियत दी और उसके बदले में भारी मात्रा में अपने और अपनी सैकड़ों कंपनियों के लिए मौद्रिक लाभ लिया, जो उनके या उनके परिवार द्वारा संचालित थीं।
सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि इस घोटाले ने अप्रैल और जून 2018 के बीच आकार लेना शुरू किया, जब येस बैंक ने कर्ज से लदी डीएचएफएल में कम अवधि के डिबेंचर्स में 3,700 करोड़ रुपये निवेश किए।
इसके लिए वधावन ने राणा कपूर और उनके परिवार के सदस्यों को कर्ज के रूप में डीओआईटी अर्बन वेंचर्स को कथित रूप से 600 करोड़ रुपये दिए। 750 करोड़ रुपये का एक और संदेहास्पद कर्ज येस बैंक द्वारा कपिल और धीरज वधावन की कंपनी को जारी किया गया, जिसकी जांच एजेंसी कर रही है।

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First Published - June 25, 2020 | 11:39 PM IST

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