उड़ीसा स्पंज आयरन (ओएसआई) पर कब्जे को लेकर भूषण समूह के सिंघल बंधुओं के बीच की जंग तेज हो गई है। बड़े भाई संजय सिंघल ने यह कंपनी खरीदने के लिए उन विदेशी संस्थागत निवेशकों और कंपनियों से बात शुरू कर दी है, जिनकी कंपनी में हिस्सेदारी है।
संजय के मुताबिक, ‘हमने बसना इंवेस्टमेंट्स, क्वांटम (एम) और स्ट्रेपेरा होल्डिंग्स, जिनकी कंपनी में संयुक्त रूप से 15 फीसदी की हिस्सेदारी है, के लिए एक प्रस्ताव तैयार किए हैं। उनसे कहा गया है कि वे अपनी हिस्सेदारी हमें लौटा सकते हैं।’
दिसंबर 20008 में कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया था कि क्वांटम (एम) के पास 6.31 फीसदी जबकि स्ट्रेपरा होल्डिंग्स और बसना इंवेस्टमेंट्स के पास 5-5 फीसदी शेयर हैं। छोटे भाई नीरज सिंघल का अनुसरण करते हुए संजय सिंघल के स्वामित्व वाली भूषण पावर ऐंड स्टील ने बीते 7 फरवरी को उड़ीसा स्पंज आयरन के लिए 300 रुपये प्रति शेयर का ओपन ऑफर दिया था।
गौरतलब है कि नीरज ने यूनिटेक के प्रमोटरों से उड़ीसा स्पंज आयरन में अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी थी। इस चलते कंपनी में नीरज की हिस्सेदारी फिलहाल 14.8 फीसदी हो गई है। नीरज ने कहा कि निश्चित तौर पर ओपन ऑफर में हम अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।
अगले कुछ दिनों में हम अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आप भी ओपन ऑफर लाएंगे तो नीरज सिंघल ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।