अरविंदो फार्मा ने गुरुवार को कहा कि वह भारत व यूनिसेफ को आपूर्ति के लिए अमेरिकी कंपनी कोवैक्स की कोविड-19 वैक्सीन बनाएगी और उसकी बिक्री करेगी। यह ऐसा लाइसेंंसिंग सौदे के जरिये होगा। भारतीय दवा निर्माता के पास अन्य उभरते बाजारों में इसकी बिक्री का अधिकार भी होगा, जिसका अभी शुरुआती परीक्षण चल रहा है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी सूचना में ये बातें कही है। यूनाइटेड बायोमेडिकल इंक की इकाई कोवैक्स की योजना साल 2021 के शुरू में एशिया, लैटिन अमेरिका और संयुक्त राज्य अमेरिका में वैक्सीन के मघ्यम व आखिरी चरण का ट्रायल करने की है। कंपनियों ने कहा कि इस वैक्सीन के लिए सामान्य रेफ्रिजरेशन की दरकार होती है, जो विकसित देशों के लिए जरूरी कुछ अन्य वैक्सीन को ज्यादा रेफ्रिजरेशन में रखने के उलट है।
अरविंदो फार्मा का शेयर आज शेयर बाजार में 2.3 फीसदी तक चढ़ गया। अरविंदो ने कहा कि वह अभी 22 करोड़ डोज बना सकती है लेकिन जून 2021 तक वह अपनी क्षमता 48 करोड़ डोज पर पहुंचाने जा रही है। कंपनी का लाइसेंसिंग सौदा इसलिए हो रहा है क्योंकि भारत में पिछले हफ्ते संक्रमण के मामले एक करोड़ के पार निकल गए। अमेरिका के बाद यह महामारी से परेशान होने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। रॉयटर्स ने मंगलवार को खबर दी थी कि भारत अगले हफ्ते ऑक्सफर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल आपातकाल में करने की मंजूरी दे सकता है। विश्व में टीका उत्पादन करने वाला सबसे बड़ा देश भारत फाइजर व स्थानीय कंपनी भारत बायोटेक के वैक्सीन का आपातकाल में इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है। पिछले महीने कोवैक्स ने कहा था कि उसे ब्राजील, पेरू और इक्वाडोर समेत अन्य विकासशील देशों को कोविड-19 का 14 करोड़ से ज्यादा डोज (2.8 अरब डॉलर) की खरीद की प्रतिबद्धता हासिल हुई है।