भारती एंटरप्राइजेज ने आज घोषणा की कि वह 1 अरब डॉलर के सौदे के तहत ब्रिटेन की सरकार के साथ मिलकर वनवेब का परिचालन सुनिश्चित करेगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में नाटकीय बदलाव दिख सकता है।
इस वैश्विक महामारी के दौर में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी कहीं अधिक प्रासंगिक हो गई है क्योंकि इसके तहत दुनिया भर के ग्रामीण क्षेत्रों को हाई इंटरनेट स्पीड के साथ जोडऩे में मदद मिल रही है।
भारती एंटरप्राइजेज ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि इस कंसोर्टियम ने वनवेब के लिए बोली जीती है। वनवेब ऐसे वैश्विक उपग्रह नक्षत्र का निर्माण पूरा करेगी जो दुनियाभर के देशों में मोबाइल और फिक्स्ड टर्मिनलों के लिए ब्रॉडबैंड तथा अन्य सेवाएं मुहैया कराएगा।
यह पता चला है कि ब्रिटेन सरकार और भारती एंटरप्राइजेज करीब 50-50 करोड़ डॉलर की पूंजी खर्च करेंगी।
इस कदम को शोध, विकास, निर्माण और नई उपग्रह तकनीकों के इस्तेमाल में अग्रणी बनने की ब्रिटेन सरकार की महत्वाकांक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है।
एक आधिकारिक बयान में, ब्रिटेन के व्यवसाय सचिव आलोक शर्मा ने इसकी पुष्टि की कि सरकार 50 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी और वनवेब में बड़ी इक्विटी हिस्सेदारी लेगी। भारती वाणिज्यिक और परिचालन नेतृत्व मुहैया कराएगी और वनवेब को उसकी आगामी सफलताओं में योगदान देगी।
एक संपूर्ण वैश्विक उपग्रह प्रणाली के साथ ब्रिटेन अपने उन्नत निर्माण आधार का और विकास करेगा, अपने ज्यादातर उच्च कुशल श्रम बल तैयार करेगा, क्योंकि इसके लिए हार्डवयर विकसित किया जा चुका है और उपकरण तथा सेवाओं का इस्तेमाल इस खास क्षमता के लिए किया जा रहा है। ब्रिटेन को विज्ञान, शोध एवं विकास के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने की अपनी प्रतिबद्घता के साथ साथ वनवेब अंतरिक्ष से संबंधित देशों की पहली सूची में शामिल होने की सरकार की योजना में भी योगदान देगी।
यह सौदा अमेरिकी अदालत और नियामकीय मंजूरी के अधीन है और साल के अंत से पहले इसके पूरा हो जाने की संभावना है।
भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘अन्य प्रयोगों से संबंधित बड़े अवसरों और कई अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम किए जाने के अलावा, इस व्यवसाय का दूरसंचार, उद्यम, विमानन और समुद्री क्षेत्रों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत और अफ्रीका में सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक के तौर पर हम जानते हैं कि यह ताकतवर सामाजिक और आर्थिक समर्थक हो सकता है। हम इस प्रौद्योगिकी को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए पूरी दुनिया में भागीदारों के साथ काम करेंगे।’
वनवेब की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी और उसने ब्रिटेन और अमेरिका दोनों जगहों से आधुनिक उपग्रह प्रौद्योगिकी का विकास किया है।