देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी एसीसी सीमेंट्स घटती मांग के कारण कुछ संयंत्र और बंद कर सकती है।
कम मांग से गोदामों में माल इकट्ठा होने के कारण कंपनी ने गागल संयंत्र लगभग 15 दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया था। एसीसी के प्रबंध निदेशक सुमित बनर्जी ने बताया, ‘गागल संयंत्र बंद करने का फैसला बिल्कुल सही था।’
230 लाख टन की उत्पादन क्षमता वाली एसीसी सीमेंट्स के देश भर में 15 संयंत्र हैं। बनर्जी ने बताया, ‘गागल संयंत्र को बंद करने का फैसला कंपनी के हित में था। मांग कम और उत्पादन ज्यादा हो तो उत्पादन घटाना ही बेहतर होता है। इससे हम घाटे से बचते हैं।’
कंपनी और किस राज्य में संयंत्र बंद करने की योजना बना रही है। बनर्जी ने बताया, ‘इस बारे में कुछ भी बिल्कुल सही तरीके से नहीं कहा जा सकता है। यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि अगली तिमाही में बाजार के हालात कैसे रहेंगे।
अगली तिमाही सीमेंट उद्योग के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हमें देखना होगा कि सरकार की ओर से इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट को दिए गए बेलआउट पैकेज से बाजाद के हालात कैसे बदलते है।’
एसीसी के मुख्य व्यावसायिक अधिकारी जे दत्तागुप्ता ने बताया, ‘पाकिस्तान से आयात किया जाने वाला सीमेंट देश के सीमेंट उद्योग पर काफी भारी पड़ रहा है। पाकिस्तान से हर महीने 45,000 टन सीमेंट का आयात किया जाता है। जो सस्ता होता है। ‘
दत्तागुप्ता ने बताया, ‘ हिमाचल में यातायात की लागत काफी ज्यादा है। इसीलिए हम अपने उत्पाद दूसरे राज्यों में नहीं पहुंचा सकते हैं।’ कंपनी साल 2010 तक अपनी उत्पादन क्षमता 304 लाख टन करने की योजना बना रही है।