बेंगलूरु के समीप नरसापुरा में विस्ट्रॉन के संयंत्र में मरम्मत का करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कर्नाटक के श्रम मंत्री एएस हेब्बार ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र को 2 से 3 सप्ताह के भीतर सुचारु करना और काम पर सभी श्रमिकों की वापसी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि कर्मचारियों के सभी बकाये को कंपनी द्वारा निपटा दिया गया है। दिसंबर में वेतन संबंधी विवाद के कारण इस संयंत्र में तोडफ़ोड़ किया गया था।
मंत्री ने कहा कि लेनेवो और माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों के अलावा ऐपल आईफोन का उत्पदान करने वाली इस कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए 800 से अधिक लैपटॉक का ऑर्डर दिया है। उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान परिसर में खिड़कियों के जो दरवाजे टूट गए थे उन्हें भी बदल दिया गया है।
कंपनी ने संयंत्र में कामकाज की बहाली के मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
दिसंबर की शुरुआत में इस संयंत्र के कर्मचारियों के साथ-साथ हजारों लोगों ने वेतन में कटौती और वेतन भुगतान संबंधी मुद्दों को लेकर परिसर में भारी प्रदर्शन और तोडफ़ोड़ किया था। उस दौरान शीशे, एटीएम मशीन, सीसीटीवी कैमरे, वाहन एवं अन्य उपकरणों को तोडफ़ोड़ दिया गया था। परिसर से कई हजार आईफोन, लैपटॉप और टेलीविजन सेट के लूटे जाने का भी आरोप लगाया गया था। आगजनी और हिंसा के कारण कंपनी को करीब 50 करोड़ रुपये का चूना लगा था।
बाद में कंपनी ने अपने उपाध्यक्ष विंसेंट ली को बर्खास्त कर दिया जिन्हें भारत में कारोबार की देखरेख करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी ने इस संयंत्र में श्रमिकों के वेतन भुगतान में चूक होने की बात मानी थी।
कंपनी ने एक बयान में कहा था, ‘हमारे नरसापुरा संयंत्र में दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद मामले की जांच की जा रही है। जांच में पाया गया है कि कुछ श्रमिकों को सही ढंग से या समय पर भुगतान नहीं किया गया था। इसके लिए हमें खेद है और हम अपने सभी श्रमिकों से माफी मांगते हैं।’