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सोयाबीन उत्पादन में 8% गिरावट का अनुमान, चढ़ सकते हैं दाम; तेल आयात भी बढ़ेगा

2026-27 के दौरान भारत पांच लाख टन से अधिक सोयाबीन तेल का आयात कर सकता है। उत्पादन  104 लाख टन से 8% घटाकर 96 लाख टन रह सकता है।

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सुशील मिश्र   
Last Updated- September 08, 2026 | 2:57 PM IST

कमजोर व असमान बारिश और बोआई क्षेत्र में कमी के कारण तिलहन उत्पादन कम होने की आशंका जाहिर की जा रही है। जबकि त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों की मांग बढ़ने का अनुमान है। घरेलू उत्पादन कम होने और सप्लाई में कमी के कारण आयात बढ़ेगा। अमेरिकी कृषि विभाग का अनुमान है कि 2026-27 के दौरान भारत पांच लाख टन से अधिक सोयाबीन तेल का आयात कर सकता है। उत्पादन  104 लाख टन से 8% घटाकर 96 लाख टन रह सकता है। उत्पादन कम होने से सोयाबीन की कीमतें मजबूत होगी।

उत्पादन कम होने की आशंका

अमेरिकी कृषि विभाग (यूएडीए) की विदेश कृषि सेवा ने भारत में सोयाबीन की बोआई, औसत उपज दर एवं कुल पैदावार में पिछले अनुमान में कटौती कर दी है जबकि दूसरी ओर सोयाबीन तथा सोया तेल के आयात का अनुमान बढ़ा दिया है।

यूएडीए के मुताबिक फसल कमजोर रहने के कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादन 9.10 क्विंटल रह सकती है और खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन का कुल कुल उत्पादन 96 लाख टन के करीब सिमटने की संभावना है। यह आंकड़ा पूर्व अनुमान से कम है।

सोयाबीन का उत्पादन कम होने से सोयाबीन तेल के उत्पादन का अनुमान भी घटकर 16 लाख टन रह गया है। वहीं, खपत 75 लाख टन रहने का अनुमान है, जिससे ज्यादा आयात की जरूरत पड़ रही है।

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सोयाबीन का रकबा कम रहने का अनुमान

भारत में सोयाबीन की खेती के रकबे के अनुमान को 112 लाख हेक्टेयर से 6% घटाकर 105 लाख हेक्टेयर कर दिया है। देर से और अल-नीनो से प्रभावित मानसून की शुरुआत ने बोआई में बाधा डाली, जबकि अनियमित बारिश के कारण महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दोबारा बोआई करनी पड़ी।

हालांकि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में 4 सितंबर 2026 तक सोयाबीन का कुल उत्पादन क्षेत्र 121.82 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल की इसी अवधि के बोआई क्षेत्र 122.98 लाख हेक्टेयर से 1.16 लाख हेक्टेयर कम है।

सोयाबीन का आयात पांच लाख टन के पार

सोयामील का निर्यात 29% घटकर चार साल के निचले स्तर पर आने की उम्मीद है, क्योंकि घरेलू कीमतें ऊंची होने और सप्लाई कम होने से खरीदार सस्ते दक्षिण अमेरिकी सप्लाई की ओर रुख कर रहे हैं।

विदेश कृषि सेवा के अनुसार भारत में 2026-27 सीजन के दौरान करीब 5 लाख टन सोयाबीन तथा 56 लाख टन सोया तेल का आयात होने की उम्मीद है। यह अनुमान पहले लगाएं गए अनुमान से दो लाख टन ज्यादा है। भारत से सोयाबीन के निर्यात का अनुमान घटाकर 25 हजार टन किया गया है।

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घरेलू खपत बढ़ने का अनुमान

कम उत्पादन के अनुमान के कारण सोयाबीन पेराई में 6% की कटौती करके इसे 87 लाख टन कर दिया गया है, जबकि सोयामील का उत्पादन 70 लाख टन रहने का अनुमान है। पेराई कम होने के बावजूद, टोफू, सोया मिल्क और सोया आटे की मांग के कारण खाने के लिए सोयाबीन की खपत सालाना अनुमानित 820,000 टन से 4% बढ़ने का अनुमान है।

पशु चारे के लिए मांग सालाना अनुमानित 900,000 टन से 25% बढ़ने का अनुमान है, क्योंकि पोल्ट्री उत्पादक ऊंची कीमतों के बावजूद सोयाबीन मील का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। हालांकि, यह अभी भी 2025-26 के खपत स्तर से 18% कम है।

First Published : September 8, 2026 | 2:48 PM IST