गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में 640 रुपये की बढ़ोतरी हुई और दाम 1,38,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। नए साल की शुरुआत में सोने की कीमतें मजबूत रहीं। बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली पीले धातु का भाव 1,37,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन ने यह जानकारी दी।
हालांकि, चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही और यह पिछले बंद भाव 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,600 रुपये गिरकर 2,37,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। 2025 के दौरान सोने और चांदी दोनों की कीमतों में शानदार उछाल आई। सोने ने जहां 73.45 फीसदी का रिटर्न दिया वहीं चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन करते हुए करीब 164 फीसदी की बढ़त दर्ज की।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बुधवार को हाजिर सोने की कीमत में 28 अमेरिकी डॉलर या 0.65 फीसदी की गिरावट आई और यह 4,310.89 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। मिरे ऐसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन हाजिर सोना नुकसान के साथ 4,310 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। उन्होंने कहा कि अल्पावधि में सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है।
मेहता इक्विटीज के उपाध्यक्ष (कमोडिटीज) राहुल कलंत्री ने बताया, 2026 में सोने और चांदी की कीमतों के प्रमुख चालक व्यापक आर्थिक, मौद्रिक और भू-राजनीतिक कारकों के मिश्रण होंगे। जैसे ब्याज दरों के बारे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व से उम्मीदें, डॉलर की मजबूती या कमजोरी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीद और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) में निवेश से संरचनात्मक समर्थन मिलेगा और भू-राजनीतिक या वित्तीय बाजार में तनाव की घटनाएं सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाएंगी। कलंत्री ने कहा, ये सभी कारक मिलकर तय करेंगे कि सोने की कीमतें रिकॉर्ड उच्चस्तर के करीब बनी रहेंगी या पूरे साल अस्थिरता का सामना करेंगी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी के निर्यात पर चीन के नए प्रतिबंधों से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने और निकट भविष्य में बुलियन की कीमतों को दिशा मिलने की भी उम्मीद है।