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सोना फिर चमका! अमेरिकी यील्ड गिरते ही गोल्ड में आई तेजी

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और डॉलर कमजोरी से सोने को मिला सपोर्ट

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एजेंसियां   
Last Updated- May 21, 2026 | 9:34 AM IST

बुधवार को हाजिर सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आई। इसकी वजह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी और अमेरिका-ईरान संघर्ष के संभावित समाधान की उम्मीद से महंगाई से जुड़ी कुछ चिंताएं घटना रहा। हाजिर सोना 0.4 फीसदी बढ़कर 4,499.72 डॉल प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले, सत्र की शुरुआत में यह 7 हफ्ते के अपने सबसे निचले स्तर तक गिर गया था।

जून डिलिवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स ने अपनी शुरुआती गिरावट को कम किया और इसके भाव 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 4,502.10 डॉलर पर आ गए। एफएक्सटीएम के वरिष्ठ शोध विश्लेषक लुकमान ओटुनुगा ने कहा, अमेरिका-ईरान बातचीत में किसी भी सकारात्मक प्रगति से होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने की संभावना बनती है। इस कारण सोने की कीमतें बढ़ सकती हैं क्योंकि डॉलर कमजोर हो रहा है और महंगाई का डर घट रहा है।

हालांकि अगर बातचीत अधर में लटकी रही या तनाव और बढ़ा तो ऐसे माहौल के बावजूद महंगाई के डर और ब्याज दरें बढ़ने की अटकलों से सोने की कीमतें कमजोर पड़ सकती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ दुश्मनी खत्म करने के समझौते को लेकर चल रही बातचीत में प्रगति की बात कही।

इस खबर के चलते ब्रेंट क्रूड में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई, जबकि डब्ल्यूटीआई 6 फीसदी नीचे गिर गया। फिर भी, दोनों 100 डॉलर के ऊपर बने रहे। डॉलर छह हफ्तों के अपने उच्चतम स्तर के करीब रहा, जिससे डॉलर में बिकने वाले सोना-चांदी दूसरी मुद्राओं वाले लोगों के लिए और भी महंगा हो गया। अमेरिका के 10-वर्षीय बेंचमार्क ट्रेजरी यील्ड में थोड़ी नरमी आई, लेकिन वह एक साल से भी ज्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर के आसपास ही बनी रही।

ऐसा इसलिए हुआ कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को हवा दी और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाएं और मजबूत हो गईं। ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से सोने जैसी परिसंपत्तियों को अपने पास रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है, जिनसे कोई रिटर्न नहीं मिलता

 

First Published : May 21, 2026 | 9:34 AM IST