कन्नड़ और संस्कृति मंत्री उमाश्री ने कहा कि राज्य सरकार तुलु को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की कोशिश कर रही है ।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक बी. ए. मोहिउद्दीन बावा के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा, केन्द्र सरकार ने पिछले महीने सूचना मांगी, हम सूचनाएं एकत्र कर रहे हैं और उन्हें जल्दी ही भेजा जाएगा ।
मंत्री ने बताया कि सरकार के पास वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर तुलु भाषियों की संख्या है और अब वह वर्ष 2011 के आंकड़ों पर आधारित सूचना एकत्र कर रही है । उन्होंने विश्वास जताया कि केन्द्र इस मामले में राज्य के आवेदन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा ।
बावा ने कहा कि तुलु का 2,000 वर्ष का इतिहास है और भाषा भाषी उसे आधिकारिक भाषा घोषित नहीं किए जाने से दुखी हैं । वे मांग करते हैं कि यह कार्य निश्चित समय सीमा में पूरा किया जाए ।
जारी भाषा