शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने भारत सरकार की प्रेस की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में कहा, सरकारी प्रिंटिंग प्रेसें सरकार के कार्यों का एक बड़ा भाग हैं। इन प्रेसों में तकनीकी सुधार की जरूरत है।
मुद्रण निदेशालय के अंतर्गत आने वाली सरकारी प्रेसें नागरिक और रक्षा उद्देश्यों के साथ-साथ सभी सरकारी विभागों के मुद्रण कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं।
नाथ ने कहा, इसने काफी लंबा सफर तय किया है। यह ब्रिटिश काल में शुरू हुआ था। इसका एक इतिहास और विरासत है। आज देश में लगभग 18 प्रेसें और किताब प्रेसें हैं। हम इन प्रेसों के विस्तार और इनमें नई भर्तियों के संदर्भ में विचार करेंगे।
इन प्रेसों में तकनीकी सुधार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, यह डिजीटल युग है और तकनीक में भारी बदलाव आ रहे हैं। सर्वोत्तम तकनीक ही भविष्य का मंत्र है।