उल्लेखनीय है कि को मॉरीशस पर हमेशा यह आरोप लगता रहता है कि वह भारत से कालेधन की आवाजाही का माध्यम बना हुआ है।
मॉरीशस के शेययर बाजार नियामक वित्तीय सेवा आयोग की मुख्य कार्यपालक अधिकारी क्लेरिएट अह हेन ने प्रेट्र से एक साक्षात्कार मंे कहा कि मॉरीशस ऐसे लोगांे या कंपनियांे के बारे मंे भारत को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को तैयार है, जो कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताआंे मंे शामिल हैं। वह इस तरह के सभी आग्रह को पूरा कर रहा है।
हेन ने कहा, न केवल शेयर बाजार बल्कि बैंकांे के बारे मंे भी भारत की ओर से मांगी गई सभी सूचनाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मॉरीशस हमेशा भारत को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
एफएससी की प्रमुख ने अपनी भारत यात्रा के दौरान कहा, कुछ विशेष शर्तेें हैं जिन्हंे भारतीय शर्त कहा जाता है। ये शर्तें उन कोषांे के लिए हैं जो भारतीय मूल की इकाइयांे से जुड़े हैं।
मॉरीशस से परिचालन करने वाली इकाइयांे को लाइसेंस देने के लिए भारतीय शर्तें लागू की जाती हैं। ये विशेष प्रकार की शर्तें है जो उन निवेश कोषों पर लागू की जाती हैं जिनका संबंध भारतीय मूल की फर्मों से है फिर वह चाहे मारीशस में धन ला रही हो या मारीशीस से भारत में निवेश करने वाले कोष हैं। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है।
मॉरीशस के वित्तीय बाजार की फर्मों के मंच ग्लोबल फाइनेंस मॉरीशस के मुख्य कार्यकारी निखिल त्रिभुहुन ने भी कहा कि यह धारणा सही नहीं है कि उनका देश कालेधन की आवाजाही के बारे में मांगी गयी सूचनाओं का जवाब नहीं देता।
भाषा अजय