एक शादी समारोह में यहां जयललिता ने कहा कि कावेरी नदी प्राधिकरण की बैठक बुलाने पर केंद्र चुप्पी साधे हुए है और उच्चतम न्यायालय के दखल के बाद ही प्रदेश को कर्नाटक से थोड़ा जल मिल सका ।
उन्हांेने कहा कि केंद्र ने नकारात्मक रूख अपनाकर प्रदेश को अतिरिक्त बिजली देने से इंकार कर दिया । उसने ऐसा ही रूख मुल्लापेरियार बांध को लेकर उठाया जिसे लेकर प्रदेश का कर्नाटक के साथ विवाद चल रहा है ।
भाषा