अपनी जान को खतरा बताते हुए आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद के पिता सुल्तान मसूद ने राज्य सरकार से सुरक्षा देने की गुहार लगायी है। शहला की पिछले साल हत्या कर दी गयी थी।
सुल्तान ने भाषा से बातचीत में कहा कि उन्हांेने पुलिस को न केवल पत्र लिखा है बल्कि इसको लेकर कुछ माह पूर्व प्रदेश के गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता से भेंट कर कहा था कि वे अकेले रहते हैं और उन लोगों से जान का खतरा है, जिन्होंने उनकी पुत्री की हत्या की थी।
उन्होंने कहा कि उस समय एक पुलिस वाला बयान रिकार्ड करने के लिये आया था, लेकिन उसके बाद उन्हें आज तक सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं करायी गयी है।
सीबीआई न्यायालय में दिये गये बयान का हवाला देते हुए सुल्तान ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में जिस व्यक्ति का नाम लिया था वह अभी भी खुले आम घूम रहा है और ऐसे में उनकी जान पर खतरा बना हुआ है।
सुल्तान ने हाल ही सीबीआई न्यायालय के न्यायाधीश अनुपम श्रीवास्तव की अदालत में दिये बयान में भोपाल से भाजपा विधायक धु्रव नारायाण सिंह तथा उनकी पुत्री शहला के बीच नजदीकियों का जिक्र किया था।
धु्रवनारायण के अलावा सुल्तान ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण विजय से उनकी पुत्री के नजदीकी संबंधों का जिक्र करते हुए बताया था कि शहला भाजपा के एक राज्यसभा सदस्य अनिल माधव दवे को अपना सबसे बडा दुश्मन कहा करती थी।
जारी भाषा सिन्हा