नयी दिल्ली, 15 सितंबर : भाषा : डीजल कीमतों में बढोतरी, खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति और रियायती रसोई गैस सिलिंडरों की संख्या सीमित करने के फैसलों के विरोध में सरकार में शामिल द्रमुक, सरकार को समर्थन दे रहे सपा और जद-एस, दोनों विपक्षी गठबंधन राजग तथा वाम मोर्चा गुरूवार 20 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हडताल में शामिल होंगे।
उक्त दलों का हालांकि यह साझा आंदोलन नहीं है। भाजपा के नेतृत्व वाला राजग अलग और वाम मोर्चा, सपा, बीजद तथा तेलगु देशम आदि दल पृथक हड़ताल कर रहे हैं। इन्हीं मुद्दों पर सरकार से हटने की घोषणा करने वाली तृणमूल कांगेे्रस ने अभी इनमें से किसी के साथ या अलग से हड़ताल पर जाने की बात नहीं की है।
भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन इसे भारत बंद तो वाम मोर्चे के साथ वाले दल हड़ताल का नाम दे रहे हैं।
इससे पहले राजग और वाम दलों ने 31 मई को पेट्रोल कीमतों में बढोतरी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हडताल की थी। बहरहाल, दोनों ही गठबंधनों ने तब भी एक ही दिन हडताल करने के बारे में परस्पर किसी तरह का समन्वय होने की बात से इंकार किया था।
इस बीच केन्द्र ने कल के लिए सभी राज्यों को भेजे परामर्श में कहा है कि वे विशेष सतर्कता बरतें, क्योंकि कहीं भी ऐसे भड़काउ प्रदर्शन हो सकते हैं जिनसे हिंसा फैलने का डर हो।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए इस परामर्श में खुफिया सूचनाऔं के आधार पर कहा गया है कि देश में कहीं भी ऐसी घटनाएं हो सकती है, अत: ऐसे किसी भी प्रदर्शन की सूचना मिलने पर उसे हल्के में नहीं लिया जाए।
बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा व्यापारी समुदाय पर आश्रित है जिसे उसका समर्थक माना जाता है। दूसरी ओर वाम दल इसे सफल बनाने के लिए अपने श्रमिक संगठनों पर भरोसा किए हैं।
भाषा जलीस