भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड
सेबी नियमों के मुताबिक किसी भी अधिग्रहण करने वाले का किसी कंपनी में 15 प्रतिशत अथवा इससे अधिक का मताधिकार नहीं हो सकता जब तक कि वह खरीदारी के बारे में सार्वजनिक घोषणा नहीं करता है।
सेबी ने रितेश प्रापर्टीज के प्रबंध निदेशक पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना कंपनी के बारे में भ्रामक सूचना देकर और उसकी नकारात्मक सूचनाओं को दबाने का प्रयास करने पर लगाया गया है।
नियामक ने यह आदेश रितेश प्रापर्टीज एण्ड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में हुये सौदों की जांच के बाद जारी किया है। यह जांच 14 जुलाई 2006 से लेकर 20 मई 2008 के बीच कंपनी के शेयरों में हुये सौदों में की गई।
भाषा
नननन