आर्थिक मामलांे के सचिव अरविंद मायाराम की अगुवाई वाले विदेशी निवेश संवद्र्धन बोर्ड ने पिछले महीने जेट के विदेशी भागीदार के रूप मंे एतिहाद को शामिल करने के प्रस्ताव पर फैसला टाल दिया था। मुख्य रूप से स्वामित्व तथा प्रभावी नियंत्रण के मुद्दे को लेकर फैसला टाला गया था।
विदेशी निवेश संवद्र्धन बोर्ड की 29 जुलाई की बैठक के एजेंडा मंे जेट एतिहाद का प्रस्ताव शामिल है। एफआईपीबी की 14 जून को हुई बैठक के बाद वित्त मंत्रालय ने जेट एयरवेज को पत्र लिखकर स्वामित्व के ढांचे पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
उसने बाजार नियामक सेबी को पत्र लिखकर पूछा था कि वास्तविक स्वामित्व तथा प्रभावी नियंत्रण को इस सौदे मंे कैसे परिभाषित किया जाएगा। सूत्रांे ने बताया कि जेट द्वारा एफआईपीबी की पिछले महीने हुई बैठक मंे दिए गए शेयरधारक तथा संचालन करार के अनुसार कंपनी का आखिरी स्वामित्व विदेशी हाथांे मंे होगा।
प्रस्तावित जेट एतिहाद सौदे के अनुसार अबू धाबी की कंपनी भारतीय एयरलाइंस मंे 24 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर रही है। हालांकि, इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि एतिहाद को वोटिंग अधिकार और अन्य अधिकार उसकी प्रस्तावित 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी से ज्यादा मिलेंगे।
भाषा
नननन