प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
देश के दोपहिया निर्यात में वित्त वर्ष 27 के दौरान सालाना आधार पर 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के आसार हैं। यह लगातार तीसरा ऐसा साल होगा जब निर्यात में बढ़ोतरी होगी। इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च (इंड-रा) के अनुसार अफ्रीकी मांग में सुधार और लैटिन अमेरिका तथा दक्षिण पूर्व एशिया में विस्तार से इसमें इजाफा होगा। वित्त वर्ष 26 में निर्यात सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 51.8 लाख वाहनों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसने वित्त वर्ष 22 में दर्ज 44.4 लाख के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह रफ्तार वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में भी जारी रही, जब निर्यात में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
रेटिंग एजेंसी ने एक रिपोर्ट में कहा कि निर्यात में तेजी का यह चक्र केवल कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाला दिखता है। भारतीय निर्माताओं ने अपनी भौगोलिक मौजूदगी बढ़ाई है, वितरण नेटवर्क मजबूत किया है और बाजार की जरूरत के हिसाब से वाहनों को पेश किया है। विशेष रूप से कोलंबिया, मेक्सिको और ब्राजील भारत के शीर्ष 10 निर्यात बाजारों में शामिल हो गए हैं। इससे उद्योग की अफ्रीका पर चली आ रही निर्भरता कम हुई है।
महंगाई कम होने और विदेशी मुद्रा की उपलब्धता बेहतर होने से अफ्रीका के मुख्य बाजारों में भी मांग बढ़ रही है। नाइजीरिया वित्त वर्ष 24 तक भारत के दोपहिया निर्यात का सबसे बड़ा बाजार रहा है। वित्त वर्ष 26 में नाइजीरिया में भेजी गई खेपों में सुधार होने लगा। हालांकि यह अब भी वित्त वर्ष 22 के स्तर का लगभग 39 प्रतिशत ही है। इससे वहां वृद्धि की काफी गुंजाइश बनी हुई है। इस बीच श्रीलंका द्वारा गाड़ियों के आयात पर लगी पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील देने से भी अतिरिक्त बढ़ावा मिला है।