यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी का आईपीओ सूचीबद्घ कंपनियों के मुकाबले 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट को देखते हुए आकर्षक दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को अल्पावधि में ज्यादा लाभ की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। इसकी वजह अनुकूल प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) के समावेश, खुदरा व्यवसाय में सुधार और लागत अनुकूलन का अभाव है। हालांकि विश्लेषकों को उम्मीद है कि भारत की सबसे पुरानी इस परिसंपत्ति प्रबंधक के लिए दीर्घावधि में हालात सुधरेंगे।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रमुख (रिसर्च रिटेल) दीपक जसानी के अनुसार, ‘हालांकि मूल्यांकन सस्ता है, लेकिन हमें आईपीओ से त्वरित लाभ की उम्मीद नहीं दिख रही है, क्योंकि कंपनी के कुल प्रदर्शन पर दबाव बना हुआ है।’ उन्होंने कहा कि हालांकि, आप दीर्घावधि के संदर्भ में तेजी की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि कुल उद्योग में अच्छी वृद्घि दिखने की संभावना है। आईडीबीआई कैपिटल में विश्लेषक बंटी चावला भी इससे सहमत हैं। उन्होंने कहा, ‘आईपीओ की कीमत आकर्षक है, जो एयूएम में कम मार्जिन वाले सेगमेंट में ऊंची भागीदारी की वजह से पिछले समय में कंपनी के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए उचित है।