प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
बर्नस्टीन ने एक रिपोर्ट में भारत के दो बड़े सूचीबद्ध एक्सचेंजों पर कवरेज शुरू किया है और उसने बीएसई के मुकाबले एमसीएक्स को प्राथमिकता दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि इक्विटी डेरिवेटिव में तेजी अब धीमी पड़ रही है जबकि कमोडिटी डेरिवेटिव अभी सहभागिता चक्र के शुरुआती दौर में हैं।
ब्रोकरेज ने एमसीएक्स को 3,830 रुपये की लक्षित कीमत के साथ आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। इसका मतलब है कि इसमें 15 फीसदी की बढ़त हो सकती है। उसने बीएसई को 2,820 रुपये के लक्ष्य के साथ अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है, यानी इसमें 18 फीसदी की गिरावट आ सकती है।
बर्नस्टीन को उम्मीद है कि इक्विटी ऑप्शन वॉल्यूम में कमी आएगी और वित्त वर्ष 27 में इसमें सालाना आधार पर सिर्फ 5 फीसदी की वृद्धि होगी जबकि पहली तिमाही में यह वृद्धि 31 फीसदी रही थी। ऐसा इसलिए कि कम उतार-चढ़ाव, प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग डेस्क के लिए सख्त लिवरेज नियम और सीएएस का असर गतिविधियों पर पड़ रहा है।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि सीएएस से जुड़ी अस्थायी बाधा अक्टूबर तक कम हो जाएगी, लेकिन वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में सख्त लिवरेज नियमों की वजह से और दबाव देखने को मिल सकता है। उसे उम्मीद है कि बीएसई की वित्त वर्ष 27 तक बाजार हिस्सेदारी में बढ़त जारी रहेगी।