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स्मार्टफोन मार्केट में Amber Enterprises की एंट्री, Oppo के साथ हुई बड़ी डील; ब्रोकरेज ने बढ़ाई कंपनी की रेटिंग

अंबर एंटरप्राइजेज ने ओप्पो इंडिया के साथ मिलकर नोएडा में स्मार्टफोन बनाने के लिए एसेट-लाइट साझेदारी की है, जिससे उसके शेयर टारगेट में बदलाव हुआ है

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राम प्रसाद साहू   
Last Updated- June 26, 2026 | 10:10 PM IST

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण सेवा (ईएमएस) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया ने ओप्पो इंडिया के साथ मिलकर स्मार्टफोन बनाने के क्षेत्र में कदम रखा है। इस भागीदारी के तहत वह नोएडा में ओप्पो की मौजूदा इकाई में सब-लीज के आधार पर ओप्पो इंडिया के ब्रांड – ओप्पो, वनप्लस और रियलमी- बनाएगी। इसके लिए उसे न तो कोई बड़ा पूंजीगत खर्च करना होगा और न ही ‘प्रेस नोट 3’ (यानी भारत की जमीनी सीमा से जुड़े देशों के निवेश पर रोक) के तहत मंजूरी लेनी होगी।

इस साझेदारी को लेकर ब्रोकरों की मिली-जुली राय है। एक तरफ बिक्री बढ़ाने, ज्यादा वैल्यू जोड़ने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन से फायदे मिल सकते हैं, तो दूसरी तरफ कड़ी प्रतिस्पर्धा, कम मार्जिन और काम को सही ढंग से लागू करने से जुड़े जोखिम भी हैं। मौजूदा कीमत पर यह शेयर अपने वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित मुनाफे के 65-75 गुना पर कारोबार कर रहा है। यह शेयर पिछले एक साल में 22 प्रतिशत बढ़ा है।

जेएम फाइनैंशियल रिसर्च में विश्लेषक शालीन चोकसी और जिग्नेश ठाकुर के अनुसार देश में स्मार्टफोन बनाने के काम में अंबर के लिए मुख्य चुनौतियां हैं – जबरदस्त प्रतिस्पर्धा, बहुत कम मार्जिन (1.5-2 प्रतिशत) और बहुत बड़े पैमाने पर काम करने की जरूरत। इस उद्यम से मिलने वाले मौकों में सरकार का स्थानीयकरण पर जोर और ज्यादा मार्जिन वाली बैकवर्ड इंटीग्रेशन पहल शामिल हैं।

अंबर धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ाएगी। पहले साल में 80 लाख मोबाइल उत्पादन की उम्मीद है। परिचालन के दूसरे साल में इसे बढ़ाकर 1.4-1.5 करोड़ मोबाइल कर दिया जाएगा। चूंकि यह एक नया बिजनेस है, इसलिए कंपनी मोबाइल असेंबली में अपनी क्षमताओं को समझने और बेहतर बनाने पर ध्यान देगी। कंपनी मोबाइल असेंबली और सरफेस माउंट टेक्नॉलजी लाइन्स से शुरुआत करने की योजना बना रही है। दूसरे साल में वह हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्ट (एचडीआई) प्रिंटेड सर्किट बोर्ड के क्षेत्र में कदम रखेगी और लंबे समय में मूल्य वृद्धि को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 35-40 प्रतिशत तक ले जाएगी।

नुवामा रिसर्च का मानना ​​है कि यह साझेदारी फायदेमंद है, क्योंकि इससे अंबर का बाजार दायरा बढ़ता है, गर्मियों के मौसम पर निर्भरता (जो एयर-कंडीशनर बनाने वालों को आपूर्ति पर केंद्रित है) कम होती है। एचडीआई/फ्लेक्सिबल बोर्ड बिजनेस के लिए तैयार ग्राहक मिलते है। इससे वैल्यू बढ़ती है, खासकर ऐसेट-लाइट मॉडल के साथ (समेकित आरओसीई पर 100 आधार अंक का सकारात्मक असर)। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2028 और वित्त वर्ष 2029 के लिए कंपनी के लिए कमाई के अपने अनुमान 12-15 प्रतिशत बढ़ाए हैं और शेयर का कीमत लक्ष्य 9,200 रुपये तय किया है।

सीएलएसए रिसर्च का मानना ​​है कि अंबर के लिए आरओसीई बढ़ाने वाली नई कैटेगरी में उतरना रेटिंग सुधार में मददगार है। लेकिन डिक्सन टेक्नॉलजीज (इंडिया) जैसी पहले से मौजूद कंपनियों के लिए यह ज्यादा प्रतिस्पर्धा का संकेत हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने इसे 8,100 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘आउटपरफॉर्मर’ रेटिंग दी है। जेएम फाइनैंशियल रिसर्च ने वित्त वर्ष 2027- 2029 के लिए प्रति शेयर आय (ईपीएस) के अनुमान को 2-13 प्रतिशत तक बढ़ाया है, लेकिन 8,100 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ इसकी रेटिंग ‘घटाएं’ कर दी है।

First Published : June 26, 2026 | 10:10 PM IST