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पश्चिम एशिया संकट पर जयशंकर का बड़ा संदेश, बातचीत से ही निकलेगा समाधान

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर बातचीत और कूटनीति का समर्थन किया। उन्होंने समुद्री मार्ग सुरक्षित रखने पर जोर दिया

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भाषा   
Last Updated- July 24, 2026 | 9:41 AM IST

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देते हुए गुरुवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग सुरक्षित और निर्बाध रूप से खुले रहने चाहिए तथा नाविकों पर होने वाले हमलों को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने ये बातें फिलीपीन की राजधानी मनीला में आयोजित 21वें पूर्वी एशिया सम्मेलन (ईएएस) में कहीं।

जयशंकर ने कहा, ‘भारत इस बात पर जोर देता है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुरक्षित और निर्बाध रूप से खुले रहने चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘किसी भी परिस्थिति में नाविकों, असैन्य जहाजों या बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।’ विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कई व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के बाद यह टिप्पणी की है। इन हमलों में कई भारतीय नाविकों की मौत हुई है और कई अन्य को बचाया गया है। ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक 14 भारतीयों की मौत हो चुकी है।

जयशंकर ने कहा, ‘आज दुनिया की अर्थव्यवस्था कई संघर्षों के असर से जूझ रही है। ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा को अब सामान्य बात नहीं माना जा सकता, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए।’ उन्होंने कहा, ‘वैश्विक व्यवस्था इस समय अनिश्चित और अस्थिर है, जहां एक तरफ आपसी निर्भरता और साझा हित हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रतिस्पर्धा और टकराव भी मौजूद हैं।’   

First Published : July 24, 2026 | 9:41 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)