नामची में निर्माणाधीन सुरंग ढही, 10 मजदूरों की मौत | फोटो: PTI
सिक्किम के झोलुंगे में एनएचपीसी (NHPC) की ‘तीस्ता चरण-छह’ पन बिजली परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग के ढह जाने से 10 मजदूरों की जान चली गई है। घटना सोमवार की है, जब भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार अचानक बंद हो गया।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बताया कि सोमवार को एडीआईटी-तीन सुरंग के अचानक ढहने से अंदर काम कर रहे करीब 25 लोग फंस गए थे। भूस्खलन के कारण सुरंग का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। नामची जिला प्रशासन के अनुसार, बचाव कार्य अभी भी जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान अत्यंत जटिल बना हुआ है। सुरंग के भीतर गैस के रिसाव की आशंका है, जिससे राहत कार्य में जुटे कई बचावकर्मी बेहोश हो गए और उन्हें चक्कर आने की समस्या हुई।
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माना जा रहा है कि गैस का यह रिसाव भूमिगत परतों या क्षतिग्रस्त चट्टानी संरचनाओं में प्राकृतिक रूप से हो रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें पूरी सावधानी के साथ फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
मंगलवार सुबह तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से चार मृतक पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के, जबकि लोग असम, पंजाब, उत्तराखंड और नामची के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री तमांग ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री तमांग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने बचाव कार्यों की समीक्षा की और केंद्र की ओर से सिक्किम को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों को बचाव कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि राहत और बचाव कार्य के दौरान सुरक्षा के उच्चतम मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि आगे कोई और हादसा न हो।