अर्थव्यवस्था

ओमान के साथ समझौते से भारतीय कारोबारियों की लग सकती है लॉटरी, जानें किन सेक्टर को होगा फायदा

वित्त वर्ष 2023 से ही भारत से ओमान को होने वाला निर्यात लगभग 4 अरब डॉलर पर स्थिर बना हुआ है

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कृति अंबे   
Last Updated- May 29, 2026 | 8:29 AM IST

भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) सोमवार से लागू होने की उम्मीद है। इस समझौते से ओमान को होने वाले निर्यात में मौजूदा निर्यात से दोगुनी वृद्धि के अवसर खुलेंगे, साथ ही होर्मुज स्ट्रेट के विवादास्पद रास्ते को छोड़ते हुए भारतीय सामान की खाड़ी देशों में आवाजाही में मदद मिलेगी।

वित्त वर्ष 2023 से ही भारत से ओमान को होने वाला निर्यात लगभग 4 अरब डॉलर पर स्थिर बना हुआ है। बहरहाल सीईपीए के तहत शुल्क रियायतों से निर्यात बास्केट के विस्तार और विविधीकरण की उम्मीद है। भारत और ओमान ने 2023 में व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू की थी। दोनों पक्षों ने दिसंबर में सीईपीए पर हस्ताक्षर किए थे।

इस समझौते से 98 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिली है, जिसमें भारत से खाड़ी देशों को होने वाले निर्यात मूल्य का 99 प्रतिशत शामिल है। समझौते के तहत मस्कट ने फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, रसायन, रत्न और आभूषण, और वस्त्र जैसे क्षेत्रों में शून्य-शुल्क पहुंच की प्रतिबद्धता जताई है, जो पेट्रोलियम से संबंधित व्यापार से परे भारत के निर्यात को व्यापक बनाने में मदद करेगा। साथ ही लगभग 3.64 अरब डॉलर के निर्यात शुल्क मुक्त हो जाएंगे, जिन पर अभी 5 प्रतिशत तक शुल्क लगता है।

First Published : May 29, 2026 | 8:29 AM IST