अर्थव्यवस्था

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी से निर्माण उपकरण उद्योग ने वृद्धि अनुमान बढ़ाया

कुछ राज्य सरकारें भी जो पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर में उतना निवेश नहीं कर रही थीं, अब धीरे-धीरे निवेश बढ़ा रही हैं

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दीपक पटेल   
Last Updated- September 01, 2026 | 10:30 PM IST

भारतीय निर्माण उपकरण (सीई) उद्योग ने भारत के कुछ राज्यों में पिछले तीन महीनों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के काम की रफ्तार में सुधार की वजह से वित्त वर्ष 2027 के लिए घरेलू बिक्री वृद्धि के अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं। पहले ये अनुमान लगभग 7 प्रतिशत सालाना थे जिन्हें बढ़ाकर 9 से 12 प्रतिशत सालाना तक कर दिया गया है।

इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईसीईएमए) के अध्यक्ष दीपक शेट्टी ने मंगलवार को कहा, ‘पिछले तीन महीने बहुत अच्छे रहे हैं। उद्योग ने अच्छी वृद्धि की है। कुछ जगहों पर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का काम शुरू हो गया है। हम यह भी देख रहे हैं कि कुछ राज्य सरकारें भी जो पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर में उतना निवेश नहीं कर रही थीं, अब धीरे-धीरे निवेश बढ़ा रही हैं।’

शेट्टी जेसीबी इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक भी हैं। उन्होंने पिछली 8 मई को भारतीय निर्माण उपकरण उद्योग के लिए वित्त वर्ष 2027 में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया था।

मंगलवार को आईसीईएमए के वार्षिक सत्र 2026 के दौरान बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए इंटरव्यू में शेट्टी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वृद्धि का परिदृश्य थोड़ा बेहतर हुआ है। मेरा मानना है कि वित्त वर्ष 2027 में यह सालाना आधार पर 9-12 प्रतिशत के आसपास होनी चाहिए।’

यह सीई उद्योग के लिए बड़ा बदलाव होगा। भारत में सीई की घरेलू बिक्री वित्त वर्ष 2026 में 6.7 प्रतिशत घटकर 113,229 यूनिट रह गई। इसकी वजह थीं – इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं पर सुस्ती से काम, सख्त उत्सर्जन नियम लागू होने के बाद उपकरणों की कीमतें बढ़ जाना, वित्त का दबाव और पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के कारण कमोडिटी की लागत में इजाफा।

शेट्टी ने कहा कि अगर राज्य सरकारें बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से पूरा करें, तो इससे मांग को और ज्यादा बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि इसका पूरा असर वित्त वर्ष 2028 में देखने को मिल सकता है।

शेट्टी के अनुसार भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों में पूर्व अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्से शामिल हैं। भारतीय निर्माण उपकरण के निर्यात का बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप को जाता है। हालांकि ज्यादा टैरिफ की वजह से अमेरिकी बाजार पर असर पड़ा था।

First Published : September 1, 2026 | 10:30 PM IST